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खपटिहा पीएचसी का चिकित्साधीक्षक ने किया निरीक्षण

आरोग्य मेला की देखी व्यवस्थाएं

मऊ (चित्रकूट), सुखेन्द्र अग्रहरी । विकास खण्ड के गाँव खपटिहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। अधीक्षक शेखर वैश्य के द्वारा सभी स्टाफ को कहा गया कि मेले में आने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाए। इस दौरान मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गए विभिन्न स्टाल का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन ब्लाक के समस्त पीएचसी पर 29 मार्च तक प्रत्येक रविवार को प्रातः 10 से अपरान्ह 2 बजे तक लगेगा।

अधीक्षक शेखर वैश्य  ने इस दौरान निर्देश दिए कि सरकार की मंशानुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन है। मेले में चिकित्सक, पैरामेडीकल स्टाफ, होम्योपेथिक, आयुर्वेदिक के साथ-साथ स्वास्थ्य से संबंधित समस्त कर्मचारियों द्वारा मेले में आने वाले लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत हर संभव मदद हो रही है। प्रयास है कि ब्लॉक में सभी स्वस्थ रहें, साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान भी दें। इस दौरान टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, कन्या सुमंगला योजना, कुष्ठ रोग की रोकथाम को स्पर्श जागरूकता अभियान को वृहद स्तर पर गति दी जा रही है। इसके साथ ही मेले में आने वाले लोगों को आंगनवाडी कार्यकत्री के द्वारा लगाए गए पोषण स्टॉल मैं पोषण परामर्श दिया जा रहा है। सभी को हरी सब्जियों का सेवन करने के लिए कहा जा रहा है। एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को आयरन की टेबलेट खाने के लिए कहा जा रहा है। आशाओं के द्वारा परामर्श के दौरान परिवार नियोजन के संबंध में जानकारियां भी दी जा रही हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य बहुत आवश्यक है स्वास्थ्य के प्रति अधिक से अधिक जागरूक रहें। एनीमिया मुक्त भारत अभियान जो कि 15 अप्रैल तक चलाया जाएगा। इसके विषय पर चर्चा की गई। 5 से 9 वर्ष के बच्चे, 11 से 19 वर्ष की किशोरिया एवं गर्भवती, धात्री महिलाएं खून की कमी से ग्रसित होते हैं द्य इन सभी आयु वर्गों में एनीमिया में कमी को सही करने के लिए उपलब्ध 5 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए  गुलाबी गोली, 10 से 19 वर्ष की किशोर किशोरियों के लिए नीली गोली एवं गर्भवती, धात्री महिलाओं के लिए लाल गोली का सेवन करने के लिए कहा गया। यह भी बताया गया कि मुख्य रूप से पोषक तत्वों की कमी के कारण खून की कमी हो जाती है। इसके चलते शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित होता है। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी कमी आ जाती है। किशोरियों मे एनीमिया आगे जाकर गर्भावस्था को भी प्रभावित करता है। इस कमी को दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां एवं आयरन की गोली का सेवन अत्यंत आवश्यक बताया गया। इस कार्यक्रम में समस्त उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है। इस मौके पर धर्मवीर सिंह, शीलनिधि, पिरामल फाउंडेशन नीति आयोग के शैलेन्द्र प्रताप सिंह, नजाकत अली, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, आशाए आदि उपस्थित रहे।


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