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संचारी रोग की चुनौती पर आपसी समन्वय से मिलेगी विजय

विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान की गहनता समीक्षा


बिजनौर, (संजय सक्सेना)  जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने शासन के निर्देशों के अनुपालन में 1 मार्च  से 31 मार्च 2020, तक डेंगू/संचारी रोगों एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए पूर्ण गुणवत्ता के साथ विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान की गहनता समीक्षा कर उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान को पूर्णतः सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेंगू संचारी रोगों तथा मलेरिया बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा इनका त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसके लिए अंतर्विभागीय सहयोग से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान समय मे तापमान मे कमी है जिसके कारण डेंगू रोग की सम्भावना को मद्देनजर रखते हुुये इस अभियान को पूर्ण मानक और निष्ठा के साथ संचालित करना
सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक लोगों के जीवन की सुरक्षा की जा सके। जिलाधिकारी श्री पाण्डेय कलक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से अंतर्विभागीय समन्वय समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन रोगों से बचाव हमारे लिए चुनौती के रूप में है जिसको स्वीकार करते हुए हमें अंर्तविभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुये विजय प्राप्त करनी है जिसके लिये सम्बन्धित समस्त विभागो को अपने अपने कार्यो को लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, पशु, महिला एंव बाल विकास, नगर निकाय सहित अन्य संबंधित विभागों के कार्यो की समीक्षा की. 
जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि एनआरसी की क्षमता के अनुसार अति कुपोषित बच्चे कम मात्रा मे भर्ती कराये जा रहे है। अतः आप यह सुनिश्चित करें कि किस ब्लाॅक से अति कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य है। जिला पंचायज राज अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई तथा जल निकासी का विशेष ध्यान रखें। नगरीय क्षेत्रों में समस्त अधिशासी अधिकारी कचरा निस्तारण तथा नालियो की सफाई के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान रखें। अपने रोस्टर के अनुसार कार्य करते हुए  बुखार के रोगी मिलने पर विशेषतया उस क्षेत्र मे लार्वासाइड का छिडकाव एवं फांगिंग कराये जाने के निर्देश प्रदत्त किय गये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों  को निर्देश दिए कि एएनएम एवं आशाओं को अपने स्तर से निर्देशित करें कि वे अपने कार्य क्षेत्र में घर-घर जाकर जन सामान्य को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें, क्योंकि संचारी रोगों का मुख्य कारण गंदगी होता है तथा बुखार के रोगी का पता चलने पर उन्हे प्राथमिक स्वास्थ्य/ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला अस्पताल में भेजते हुए उनका सही तरीके से उपचार करायेंगे एवं आसपास के क्षेत्रों पर भी गहरी नजर रखेंगे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोरोना वायरस के बचाव व सावधानी के बारे में प्रचार-प्रसार, वायरस के बचाव के लिये पूर्व ही सभी पूर्ण तैयारी करना सुनिश्चिित करें।
इस अवसर पर संचारी रोग एवं वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी/जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण ने बैठक का संचालन करते हुए विस्तार से संचारी रोगों से बचाव एवं सुरक्षा के उपाय के साथ अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एव प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ज्ञानचन्द, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. शैलेश जैन, डाॅ. पीआर नायर, डा. अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, समस्त ईओ नगर पलिका/नगर पंचायत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों व संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.

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