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Sunday, March 8, 2020

हज प्रशिक्षण शिविर में अरकानों की दी विस्तृत जानकारी

फतेहपुर, शमशाद खान । शहर के लाला बाजार स्थित एक मैरिज हाल में हज कमेटी लाला बाजार के तत्वाधान में हज प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित हुए ट्रेनरों ने उपस्थित लोगों को हज की तालीम व तमाम बारीकियों से रूबरू कराया। बताया गया कि हज के दौरान किये जाने वाले अरकान को नहीं छोड़ना चाहिए। सुन्नत के मुताबिक हज करके अपनी जिन्दगी गुजारनी चाहिए। 
मुख्य अतिथि के रूप में हज कमेटी लखनऊ के प्रोफेसर हाजी कबीर ने शिरकत करते हुए जाने वाले हाजियों को हज में किये जाने वाले अरकान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होने कहा कि हज कब, क्यों, कैसे और कहां किस प्रकार किया जाता है। हज के तमाम अरकान को सही तरीके के साथ अदा करने पर जोर दिया। कहा कि शैतान को कंकरी मारने के बाद तवाफ जियारत करना हज का तीसरा फर्ज है। विशेष रूप से किये जाने वाले अरकान को नहीं छोड़ना चाहिए। अगर एक भी अरकान छूट जाये तो उसे दोबारा कर लेना चाहिए। सुन्नत के मुताबिक हज करें और सुन्नत के मुताबिक जिन्दगी गुजारनी चाहिए। उन्होने यहां आये हुए हाजियों से सवाल पूछा कि आप हज करने के लिए क्यों जा रहे हैं। इस पर वहां उपस्थित लोगों ने बताया कि अल्लाह को राजी
प्रशिक्षण शिविर में हाजियों को अरकानों की जानकारी देते प्रोफेसर हाजी कबीर।  
करने के लिए, अपने गुनाहों की माफी, देश की तरक्की व हिफाजत की दुआ के लिए। उन्होने कहा कि आज से नीयत करें कि हम सुन्नत के मुताबिक जिन्दगी गुजारेंगे और पांचो वक्त नमाज के साथ-साथ सुन्नत के मुताबिक आदत डालनी चाहिए। हज करते समय अगर किसी को धक्का लग जाये तो माफी मांग कर आगे चल देना चाहिए। कुछ भी हो गीबत नहीं करनी चाहिए। खासकर हज पर जाने वाली महिलाएं वहां पर बिल्कुल बातें न करें और अपने मुंह से अल्लाह का नाम पढ़ते रहना चाहिए। हज तरबियत कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बताया कि हज करने से पहले उमरा करना चाहिए और अच्छी नीयत के साथ। सबसे पहले उमरा करने के लिए ऐहराम बांधना, तवाफ करना, सफामरवा का सई करना और अंत में ऐहराम खोलना चाहिए। इसके बाद हज किये जाने वाले अरकान अच्छी तरह से करने चाहिए। अगर कोई भी अरकान छूट जाये तो उसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। हज व उमरा करने से पहले अपने जिस्म को पाक करना चाहिए। इसके बिना आप कुछ नहीं कर सकते और भागम भाग से बचना चाहिए। इसके बाद उन्होने हज में किये जाने वाले अरकान को विस्तृत रूप से उपस्थित हाजियों को बताया। मुख्य ट्रेनर मेराज अहमद ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस मौके पर हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी रफीक, हाजी मो0 शब्बीर, आरिफ अख्तर उर्फ अच्छे, हाजी साजिद, हाजी इलियास, हाजी अफसर, हाजी सगीर अहमद जाफरी, सरताज अहमद, हाजी सुबराती, मीडिया प्रवक्ता शोएब अहमद जाफरी ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। 

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