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कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे मजबूत हथियार है साबुन

नई दिल्ली, संजय सक्सेना - चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोन वायरस तकरीबन पूरी दुनिया में पैर पसार चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इसे वैश्विक महामारी घोषित कर चुका है। भारत में भी इस जानलेवा वायरस के 70 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इससे बचने के लिए लोगों को सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के साथ साबुन से बार-बार हाथ धोने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही, एक नई बहस भी शुरू हो चुकी है कि वायरस से लड़ने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर है।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन ने कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन को ज्यादा बेहतर विकल्प बताया है। साबुन वायरस में मौजूद लिपिड का आसानी से खात्मा कर सकता है। दरअसल, साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। करीब 20 सेकंड तक हाथ धोने से वो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है जो वायरस को एकसाथ जोड़कर रखने का काम करता है।
आपने कई बार महसूस किया होगा कि साबुन से हाथ धोने के बाद स्किन थोड़ी ड्राइ हो जाती है और उसमें कुछ झुर्रियां पड़ने लगती हैं। दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मारता है। अब बात करते हैं कि सैनिटाइजर क्यों साबुन जितना प्रभावशाली नहीं है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक जेल, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है।
एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि कोरोना वायरस का सामना सिर्फ वही सैनिटाइजर कर सकेगा जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। सामान्य तौर इस्तेमाल होने वाला साबुन इसके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है। बता दें कि कोरोना वायरस से चीन में हजारों और इटली, ईरान जैसे देशों में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से उन लोगों को ज्यादा खतरा है जिनका इम्यून सिस्टम काफी खराब है। कोरोना वायरस से मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग लोग इस बात का सबूत हैं।

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