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ईश्वरानुराग से ही कटते हैं क्लेश: पंडित विमलांशु

खंजा बाबा में श्रीराम कथा व रासलीला का आयोजन 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । ईश्वर प्राप्ति का सरल और सहज मार्ग ईश्वरानुराग ही है। अनुराग (प्रेम) में सद्चित आनंद है जबकि वैराग्य एकांत मिलन है। प्रेम और समर्पण से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। जरूरत है सिर्फ उसमें डूबने की। उक्त भावपूर्ण उद्गार कथावाचक पंडित विमलांशु महाराज ने ग्राम पुनाहुर के खंजा बाबा प्रसिद्ध स्थान में रामकथा के दौरान व्यक्त किए। बता दें कि उक्त पवित्रधाम में पिछले एक सप्ताह से श्रीकृष्णमय रासलीला एवं रामकथा का आयोजन ग्राम पंचायत के द्वारा संपन्न कराया जा रहा है, इसमें क्षेत्र के लोग ईश्वरोन्मुख होकर अपना जीवन सफल कर रहे हैं। 
कथा का बखान करते पंडित विमलांशु 
आचार्य विमलांशु ने प्रभु के जन्म विवाह और वनगमन सहित आतंकियों का अंत कर पृथ्वी पर पुनः धर्म स्थापना के साथ राजसी मर्यादा के मार्मिक एवं भावपूर्ण प्रसंगों का वर्णन कर धर्मानुयायियों को सद्मार्ग की ओर पे्रेरित किया। उन्होंने कथा का सार तत्व बताते हुए कहा कि हर जीव में ईश्वर का अंश है और वह उन्हीं की कृपा से आचरण-व्यवहार करता है। जब जीव अनुरागी होकर ईश्वरोन्मुख हो जाता है तो उसके सारे भ्रम दूर हो जाते हैं। सारे क्लेश मिट जाते हैं और वह सदचित आनंद प्राप्त करता हुआ मोक्ष को प्राप्त होता है। उन्होंने समर्पण को आशीर्वाद की पात्रता बताते हुए प्रणाम के भेद और परिणाम भी बताए। कार्यक्रम का प्रबंधन पूर्व प्रधान बच्चीलाल कुशवाहा, उनकी पत्नी कुंती बाई वर्तमान प्रधान के अलावा जौहरी सिंह, चंद्रपाल यादव, शिवसेवक, श्ज्ञिवचरन, पप्पू, रामलखन कुशवाहा, राजाबाबू, बंटू सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों ने सेवा की।

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