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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ताओं ने सौपा ज्ञापन

मांगें पूरी न होने पर 16 मार्च को कार्य बहिष्कार कर जताएगें विरोध

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमराज सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रदेश के राज्यपाल संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौपा है। कहा कि प्रदेश सरकार ने यदि विभिन्न मांगों को अविलम्ब स्वीकार नहीं किया तो समस्त अधिवक्ता सरकार विरोधी कार्यक्रम जारी रखेंगें। 16 मार्च को जिले के अधिवक्ता लाल पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगें।

न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ताओं ने सौपा ज्ञापन
एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमराज सिंह, महासचिव शिवशंकर उपाध्याय, नीरू गुप्ता, आलोक द्विवेदी, आदर्श श्रीवास्तव, राहुल शर्मा, राधेश्याम, दमयंती केसरवानी, संदीप पाण्डेय, अमित कुमार यादव, कमलेश, टीएन सिंह, शिवप्रकाश, राकेश शुक्ला, राकेश भारद्वाज, अरुण गोयल, कन्हैयालाल वर्मा, सीताराम सिंह आदि दर्जनों अधिवक्ताओं ने भेजे गए ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में अधिवक्ताओं की नृशंस हत्याएं एवं मारपीट की घटनाएं अनवरत हो रही है। शासन का कोई अंकुश नहीं है। पूर्ववर्ती सरकार ने प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपए न्यासी समिति के अधिवक्ताओं के दावों के भुगतान को बार काउंसिल आफ उप्र को दिया जाता था जो वर्तमान सरकार नहीं दे रही हैं। फलस्वरूप लगभग पांच सौ मृतक अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का भुगतान शेष है। भुगतान न होने तथा अधिवक्ताओं की मांगों पर सरकार के रुचि न लेने के चलते उप्र बार काउंसिल के आवाहन पर जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सौपे गए ज्ञापन में कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र के माध्यम से प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया था कि न्यासी समिति से प्राप्त धनराशि को 1.50 लाख से बढ़ा कर पांच लाख कर देंगें, परन्तु तीन वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि अधिवक्ता हितों की योजनाएं संचालित करने को प्रतिवर्ष लगभग 80 करोड़ की आवश्यकता होगी। ज्ञपन में कहा गया है कि नौ मार्च 2019 को प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि लाइब्रेरी के लिए पांच हजार रुपए प्रतिवर्ष प्रदान करेगी, किन्तु धनराशि नहीं उपलब्ध हो सकी। कहा कि तत्काल मेडीक्लेम पालिसी जारी की जाए। अधिवक्ताओं के बैठने को अत्याधुनिक चेम्बर निर्माण के लिए बार एसोसिएशन को धनराशि मिले। 65 वर्ष आयु के पश्चात पेंशन व्यवस्था लागू हो। मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को पारिवारिक पेंशन दें। आयुष्मान योजना व प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाए। जान-माल की सुरक्षा के उचित प्रबंध कराएं। जनपद में एक अपर आयुक्त न्यायालय की स्थापना सहित राज्य परिवहन में आवागमन को निःशुल्क पास, आवास के लिए कालोनी, भारत दर्शन के लिए एक बार रेलवे में निःशुल्क व्यवस्था आदि मांगें शामिल हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि प्रदेश सरकार ने अविलम्ब मांगें नहीं स्वीकार किया तो 16 मार्च को हाथ में लाल पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगें।


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