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ग्लेडीयोलस की खेती की शुरूआत कर किसानों के लिए मिसाल बने आसिफ

एक बीघे में बीस हजार बीज की होती बुआई
सैकड़ों किसानों को इस खेती से जोड़ दोगुनी करायी आय 

फतेहपुर, शमशाद खान । जिले के जाने माने युवा किसान मो0 आसिफ ग्लेडीयोलस फूलों की खेती की शुरूआत कर वह किसानों के लिए मिसाल बन गये हैं। इस खेती से जुड़कर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। उन्होने जिले के सैकड़ों किसानों को इस खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़वाने का काम किया है। एक बीघे में बीस हजार बीज की बुआई की जाती है। इस खेती के बारे में श्री आसिफ ने मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। उनका कहना है कि उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान इस खेती से जुड़कर लाभ उठायें। 
फार्म हाउस पर ग्लेडीयोलस की खेती दिखाते युवा किसान मो0 आसिफ।
युवा किसान मो0 आसिफ ने बताया कि उनका फार्म हाउस अन्दौली रोड स्थित रमवां गांव के समीप है। उन्होने अपने फार्म हाउस में ग्लेडीयोलस खेती की शुरूआत की। उन्होने बताया कि ग्लेडियोलस एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं लोकप्रिय पुष्पीय तथा एक वर्षीय पौधा है। जो अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में कटे फूलों के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होने बताया कि अभी तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक के साथ-साथ अपने प्रदेश के कुछ स्थानों पर इसकी खेती की जाती है। इस खेती की शुरूआत उन्होने यहां पर की और अच्छा मुनाफा सामने आया। उन्होने बताया कि ग्लेडियोलस के फूलों का प्रयोग शादी विवाह एवं अन्य सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बुके तथा घरों के अन्दर सजावटी तौर पर किया जाता है। पर्वों के दौरान भी इस फूल को लोग बेहद पसंद करते हैं। इसकी मांग बाजार में दिनों दिन बढ़ती जा रही है। उन्होने बताया कि इसकी खेती के लिए खुला स्थान होना चाहिए। जहां पूरे दिन धूम रहती हो। यह एक धनकन्दीय वर्ग का पौधा है। इसलिए मिट्टी से जल निकास का प्रबन्ध होना चाहिए। बागों के बीच में इसकी खेती अच्छी नहीं होती है। उन्होने बताया कि मैदानी भागो में इसकी खेती सर्दी के मौसम में अच्छी होती है। उन्होने फूलों की खेती करने वाले किसानों का आहवान किया कि वह अधिक जानकारी के लिए उनसे सम्पर्क कर सकते हैं और अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। उन्होने बताया कि एक बीघे में 20000 बल्ब (बीज) लगते हैं। उसके बाद हर बार बीज खेतों में ही तैयार होते रहेंगे। ग्लैड की एक पीस 6-10 में बिकती हैं। यानी किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।

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