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होली पर्व नजदीक आते ही बाजारों की बढ़ी रौनक

विभिन्न खाद्य सामग्री सहित पिचकारी से बाजार सजे 
महिलाओं ने घरों पर पापड़ बनाने का शुरू किया काम

फतेहपुर, शमशाद खान । रंगों का त्योहार होली को अब सिर्फ एक सप्ताह का समय शेष रह गया है। पर्व के नजदीक आते ही घरों सहित बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। घर-घर महिलाएं जहां चिप्स-पापड़ बनाने में व्यस्त हैं। वहीं बाजारों में भी रेडीमेड सामानों की दुकानें सज गयी हैं। उधर महंगाई के कारण इस बार चिप्स-पापड़ बनाने का काम महिलाएं कम कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि मेहनत करने से अच्छा है कि बाजार से ही रेडीमेड वस्तुओं की खरीददारी कर ली जाये। उधर कुछ महिलाओं का कहना रहा कि घर पर बने चिप्स-पापड़ की बात ही कुछ और है। सेहत पर भी इसका बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए वह घर पर ही चिप्स-पापड़ बनाने का काम करती हैं। 
बाजार में सजी चिप्स-पापड़ की दुकान।
फागुन के महीने में होली के रंग बाजारो से लेकर घरो तक दिखाई पडने लगता है। इस दौरान होली की तैयारी में घरो की ग्रहणियां जरूरी काम निपटाकर व्यंजनो की तैयारी में लग जाती है। आलू के चिप्स, पापड सहित अनेकों पकवान मेहमानो के लिये घरो की महिलायें बनाने लगती है। वही इस बार आलू महंगा होने के कारण महिलाएं थोड़ा नाखुश हैं। क्योकि इस पर्व पर आलू से कई प्रकार के खाने की चीजे तैयार की जाती है। महिलाएं तैयारी अधूरी नही छोडना चाहती है। गृहणियों का कहना है कि बाजारो मे मिलने वाले चिप्स महंगे होने के साथ-साथ अच्छी क्वालिटी के नही होते। इसीलिये घर में ही चिप्स पापड बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बाजार में रेडीमेड खाद्य वस्तुओं की दुकानें भी जगह-जगह सज गयी हैं। रंग-बिरंगे चिप्स पापड़ लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इसके साथ ही मंगलवार को बाजार में खोये की आमद भी अधिक संख्या में हुयी। बाजार करने आने वाली महिलाओं ने खोये के रेट भी लिये और शनिवार की बाजार में खरीदने की बात कही। बाजार में विभिन्न आकर्षक पिचकारियां भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बच्चे अपने माता-पिता से महंगी पिचकारी की डिमांड कर रहे हैं। हालाकि अभी बाजार में उतनी रौनक नहीं है। पर्व के तीन दिन शेष रहने पर बाजार में पैर रखने की भी जगह नहीं बचेगी। 

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