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Thursday, March 26, 2020

लाक डाउन के दूसरे दिन बेअसर नजर आई सख्ती

आवश्यक सामग्री की खरीददारी के दौरान बाजार और दुकानों में जमा हो रहे लोग 
लाक डाउन के पहले दिन तो सब ठीक रहा, दूसरे दिन से बढ़ने लगी चहलकदमी 

(देशव्यापी लाकडाउन का दूसरा दिन)

बांदा, कृपाशंकर दुबे । कोरोना वायरस के संक्रमण की साइकिल को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री के आवाहन पर देशव्यापी लाकडाउन घोषित किया गया है। 21 दिनों तक लोगों को घरों की लक्ष्मण रेखा पार न करने का
लाक डाउन के दौरान अधिकारियों से बातचीत करते जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल
आवाहन किया गया है। लाक डाउन के पहले दिन बुधवार को तो काफी हद तक लोगों ने इसका पालन किया। पुलिस भी चैराहों-चैराहों और अति व्यस्त इलाकों में तैनात नजर आई। लेकिन गुरुवार को पुलिस की सख्ती ढीली
किराना की दुकानों में बनाए गए गोले में खड़े होकर सामग्री खरीद रहे लोग
होने के कारण आवश्यक सामग्री की खरीददारी के नाम पर जगह-जगह पर लोगों की भीड़ जमा रही। शहर में दूसरे दिन जमकर चहलकदमी का दौर चला। दोपहिया और चार पहिया वाहन भी फर्राटा भरते नजर आए। 
दूध की बिक्री के लिए डिब्बे लेकर बैठा विक्रेता
देशव्यापी लाक डाउन का पहला दिन बुधवार बड़े ही एहतियात के साथ गुजरा। जनपद के लोग घरों से बाहर बहुत कम ही निकले। पुलिस भी चैराहों-चैराहों पर तैनाती रही और लोगों को आने-जाने पर रोकती और टोंकती
बाजार में आवश्यक सामग्री खरीददारी के लिए इस तरह उमड़ी भीड़
नजर आई। अलबत्ता गुरुवार को लाकडाउन के दूसरे दिन पुलिस भी सुस्त नजर आई। शहर के विभिन्न इलाकों में तैनात पुलिस की नजरों के सामने से बाइक, चैपहिया वाहनों और पैदल लोग आवागमन करते रहे और पुलिस ने कतई उन्हें टोंकने की जहमत नहीं उठाई। सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए लोगों की
बाजार में सब्जी की खरीददारी करते शहरवासी
भीड़ जमा रही। इस पर भी पुलिस ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। कुल मिलाकर दूसरे दिन ऐसा महसूस हुआ कि पुलिस की सख्ती पूरी तरह से ढीली हो गई है और लाकडाउन का पालन करा पाने में वह नाकाम साबित हो रही है। पहले दिन बुधवार की अपेक्षा अगर गुरुवार के दिन का कंपरीजन किया जाए तो पहला दिन ही लाकडाउन
बाजार में दूध की खरीददारी करते लोग
का बेहतर था। दूसरे दिन तो बस नाम का लाक डाउन रहा। इक्का-दुक्का सड़कों पर कुछ सन्नाटा जरूर नजर आया, लेकिन दूसरी तरफ दोपहिया और चार पहिया वाहनों का भी आवागमन जारी रहा। अगर ऐसा ही हाल रहा तो कोरोना वायरस के संक्रमण की साइकिल को तोड़ पाना मुमकिन नहीं होगा। पुलिस को चाहिए कि आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए निर्धारित समय के बाद कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए। तय समय के अलावा
महेश्वरी देवी मंदिर के गेट पर पूजा-अर्चना करने आई महिला श्रद्धालु
अगर कोई बाहर निकले तो उस पर कार्रवाई करना होगा, तभी लाक डाउन का सख्ती से पालन हो सकेगा। शहर के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी इलाके, अशोक स्तंभ तिराहा, जेल रोड, इंदिरा नगर, कालूकुआं, बाबूलाल चैराहा आदि इलाकों में लोगों की चहलकदमी देखी गई। इससे लाक डाउन बस नाम का नजर आया, हकीकत में इसक पालन दूसरे दिन लोगों ने नहीं किया। 

बदौसा में दूसरे दिन भी रहा सन्नाटा 
बदौसा। नोवल कोरोना वायरस महामारी के चलते बदौसा व फतेहगंज थाना क्षेत्र की जनता ने दूसरे दिन लाक डाउन का पालन किया। दुकानें और वाहन बंद रहे, सड़को में सन्नाटा पसरा रहा। गुरुवार को दूसरे दिन नोवल कोरोना वायरस से जनता की सुरक्षा के लिए बदौसा व फतेहगंज थाना क्षेत्र के गांवों में लाक डाउन की खबर है, पुलिस के जवान सड़कों पर फ्लैग मार्च करते रहे। थाना क्षेत्र की सीमाओं से दो पहिया, चार पहिया वाहन पूरी तरह से बंद रहे। सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा।
कुछ समय के लिए बाबूलाल चौराहा मार्ग पर पसरा सन्नाटा
चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन देवी भक्तों ने भी लाक डाउन का पालन किया। सभी श्रधालु अपने घरों में ही देवी अर्चना करके भारत को नोवल कोरोना वायरस से वचाने की प्रार्थना की और घर में आइसोलेट रहे। नरेश प्रजापति थाना प्रभारी के नेतृत्व में बदौसा पुलिस ने गांव-गांव भ्रमण कर जनता को लाक डाउन की हिदायत दी और भरोसा दिलाया कि सरकार सभी को सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मेडिकल, अस्पताल और जरूरी सेवायें जारी हैं।

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