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Friday, March 13, 2020

हे भगवान ! भारी ओलावृष्टि ने मचाई तबाही

करीब 100 ग्राम के पड़े ओले, दर्जनो वाहन क्षतिग्रस्त
दशकों बाद दिखा ओलों का मंजर

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। मौसम के प्रकोप के चलते किसानों में त्राहि-त्राहि मच गई। भारी ओला वृष्टि व बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी क्षति पहुंची गई है। कृषक हाय तौबा करते देखे गए। कुछ जगह तो इस कदर ओलो की बौझार हुई कि बचीखुची फसले नष्ट हो गई। ऐसे में किसानों के सामने विकट संकट खड़ा हो गया है। ओला-बारिश से खेती की बरबादी का मंजर दिखा।



शुक्रवार को अपरान्ह करीब ढाई बजे बजे अचानक आसमान से आफत बरसी। करीब आधा घंटे भारी ओलावृष्टि व बारिश ने तबाही मचा दिया। आम जनजीवन सहम गया, जो जहां था वहीं दुबक गया। सड़कों पर खड़े वाहनों के शीशे चटक गए। वहीं खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो गई। पेड, पौधे को काफी क्षति पहुंची। किसान इस दैवीय

आपदा से त्राहि-त्राहि कर रहा था। मौसम की मार इस कदर रही कि करीब 50 से 100 ग्राम के गिरे ओले ने चहुंओर बरबादी का कहर बरपा दिया। हाय तौबा करते किसान खेतों की ओर निहारते रहे। बारिश व ओलावृष्टि थमते ही नुकसान का दृश्य दिखा। लबालब पानी से भरे खेत तबाही बयां कर रहे थे। ओलो की तड़तडाहट लोगों को अचंभित कर गया। बेेमौसम आपदा ने किसानों को झकझोर कर रख दिया। किसानों के चेहरे इस कदर मुरझा गए मानो मातम छा गया हेो। खेत में खड़ी फसल गिर गई। सड़कों में चारो ओर ओले ही ओले दिखे। अभी
तीन दिन पहले भारी ओलावृष्टि हुई थी। शुक्रवार को पुनः भारी ओलावृष्टि ने किसानों के साथ आम जनजीवन को झंझोर दिया। ओलावृष्टि के प्रभाव ने सभी को ग्रसित किया है। चाहे वह व्यापारी हो या किसान। यहां तक कि ओलों की बारिश से अधिकारी व कर्मचारियों के वाहनों को क्षति पहुंची है। साथ ही पशु-पक्षी व जंगली जानवर इधर-उधर दुबके नजर आए। पेड़ो पर लटके चमगादड़ों की ओलावृष्टि से मौत हो गई। इसी क्रम में पहाड़ी, कर्वी, गोबरिया, भौरी, ब्यूर, रैपुरा, बघौड़ा समेत समूचे जिले में भारी बर्फबारी ने तबाही मचा दिया। कर्वी ब्लाक के अमानपुर गोबरिया गांव के चन्द्रमणि यादव, देव कुमार यादव, जयकरण यादव, शिवा यादव, रामपाल यादव, सूरज पाल यादव, जगतपाल यादव ने बताया कि ओलों की मार से खपरैल व खेती क्षतिग्रसत हुई है। तरौंहा के
किसान रमेश द्विवेदी ने बताया कि इससे पहले कभी ऐसी ओलावृष्टि नहीं देखी। भारी ओलो से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। भौरी के किसान कबीरदास, आशीष उपाध्याय का कहना है कि ओलो ने कहीं का नहीं छोड़ा। उनकी फसलें बुरी तरह बरबाद हो गई। 80-90 वर्ष के कई बुजुर्गों ने बताया कि जीवन में इतने बड़े ओले कभी नहीं गिरे। यह दैवीय आपदा आम जनमानस के लिए बेहद संकट पैदा करने वाला है। पहाडी ब्लाक के उमाशंकर ने बताया कि ओलावृष्टि व बारिश से किसानों की पकी खड़ी फसलों में सरसों, गेंहू, मसूर, चना, अरहर की बालियां नष्ट हो गई। यहां तक कि विशालकाय पेड़ों में लगे बेल के फल भी ओलो की मार से टूट कर बिखर गए। इतना ही नहीं मजबूत पेड़ों की टहनिया व पत्ते सड़कों व बागानों में फैले नजर आए। गेंहू की फसलों को इस कदर नुकसान पहुंचा है मानो जंगली जानवरों ने रौंद दिया हो। समाचार लिखते समय पुनः बादलों की गडगडाहट से किसानों में दहशत है। 

प्रकृति की दोहरी मार से किसान तबाह
चित्रकूट। विगत दिनो हुई ओलावृष्टि व बारिश की मार से किसान उबर भी नहीं पाया था कि शुक्रवार को फिर भारी ओलावृष्टि से किसान कराह उठा। कृषि उप निदेशक टीपी शाही ने बताया कि गेंहू की फसल को लगभग 50 से 70 प्रतिशत, सरसो, अरहर, लाही की खेती को 50 से 90 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि जनपद में ओलावृष्टि से फसलें चैपट हुई है। बताया कि डीएम शेषमणि पाण्डेय के निर्देश पर राजस्व, कृषि विभाग की टीमें व बीमा कंपनी सर्वे कर रही हैं। जल्द ही आंकलन कर रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। 

संकट में घिरा किसान, सपने चकनाचूर
मऊ (चित्रकूट)। आसमानी कहर से किसान मायूस हो गया। खेती के सहारे सपने संजोने वाला किसान कहीं का नही रहा। किसान को तेहरी मार पड़ी है। पहले तो अन्ना जानवरों से किसान वर्ष भर परेशान रहा। पुनः बेमौसम बारिश ने खड़ी फसल को भारी क्षति पहुंचाई। अब तो भयानक ओलावृष्टि ने तो कयामत ही ला दिया। शुक्रवार को ओलावृष्टि ने आधा सैकड़ा गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया। देऊधा, जोरवारा, रामनगर, लालता रोड, हटवा, सुंरौधा, अहिरी, मऊ, छिवलहा, बरगढ़, नींबी, खपटिहा, लौरी, हनुमानगंज, बंबुरी, भिटारी, पटोरी, शेषा सुबकरा आदि आधा सैकड़ा गांवों को पूरी तरह से ओलावृष्टि की मार झेलनी पड़ी। फिलहाल निराश किसानों के पास शासन प्रशासन से मदद की उम्मीद के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

डीएम ने सर्वे के दिए निर्देश
चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने बताया कि शुक्रवार को ओलावृष्टि व भारी बारिश से रवि की फसलों के नुकसान के आंकलन को एसडीएम समेत चारो तहसीलों के तहसीलदारों को निर्देश देकर अविलम्ब रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। 

किसानों ने मांगा मुआवजा
चित्रकूट। बुन्देली आवाज किसान विकास समिति के अध्यक्ष विशाल के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा है। मांग किया कि ओलावृष्टि से प्रभावित विकासखण्ड पहाडी के ग्राम बक्टा बुजुर्ग समेत तिरहार क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों का सर्वे कराकर क्षति का मुआवजा दिलाया जाए। इस मौके पर भोला वर्मा, दोजग, करीरा, धनराज, बच्छराज, सहिमा, इन्द्रकली, तीरथ, कामता, रामराज, रामसंवारी, मैका, संतोष, केदार, मैकी, रामप्रसाद आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।

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