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अब खरका में शुरू हुआ अवैध तरीके से मौरम का खनन

मौरम वाहन निकालने के लिये किसानों को दी जा रही धमकियां

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । जनपद जालौन अवैध मौरम खनन के मामले में समूचे प्रदेश में बदनाम है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जिस पार्टी को सत्ता की चाबी मिलती है उसके बड़े नेताओं से लेकर छोटे कार्यकर्ता तक इसी चक्कर में भागदौड़ करने में जुटे रहते हैं कि उन्हें किसी भी तरह से किसी भी मौरम घाट में पत्ती मिल जाये। लेकिन बार प्रदेश में जब सत्ता परिवर्तन हुआ तो अनेकों नामचीन फर्मों के लोगों ने अपनी फर्म व खुद के नाम से मौरम पट्टा हासिल कर लिये थे। लेकिन जब मौरम घाट संचालन की स्थिति नहीं बनी तो उन्होंने स्थानीय मौरम कारोबारियों से हाथ मिला लिया।
बेतवा नदी में मौरम का अवैध करती पाॅकलैंड मशीनें।
पिछले काफी समय से खरका में खंड संख्या एक का मौरम घाट बंद चला आ रहा था। लेकिन कुछ दिन पूर्व ही वहां पर एक जनपद के चर्चित मौरम माफिया द्वारा चार पाॅकलैंड मशीनों को बेतवा नदी तट पर उतारकर अवैध तरीके से मौरम का खनन कार्य शुरू करा दिया। ताज्जुब की बात तो यह है कि जिस फर्म के नाम खंड संख्या एक का पट्टा है वहां से मौरम का खनन न करके दूसरे खंड से मौरम का खनन किया जा रहा है। इस संबंध में डकोर भाजपा मंडल अध्यक्ष मंगल राजपूत ने जिलाधिकारी को संबोधित दिये गये प्र्रार्थना पत्र में ग्राम खरका के खंड संख्या एक चालू किया गया जिसे ग्राम प्रधान हरगोविंद राजपूत के साथ कई लोग सांठगांठ कर दूसरे स्थान से मौरम का अवैध तरीके से खनन कर रहे हैं। इतना ही नहीं मौरम भरे वाहनों की निकासी के लिये जहां वन क्षेत्र के पेड़ों को काटा जा रहा है तो वहीं स्थानीय किसानों को भी उनके खेतों से मौरम भरे वाहनों की निकासी कराने के लिये धमकियां दिये जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। कथित रूप से मौरम घाट का संचालन करने वाले हरगोविंद राजपूत पर पूर्व के समय में कई मुकदमे भी पंजीकृत है जिससे स्थानीय किसान  दहशत के साये में जीवन यापन करने को विवश हो रहे हैं। भाजपा मंडलाध्यक्ष ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के साथ ही जिले की प्रभारी मं़त्री नीलिमा कटियार को भी उक्त आशय का पत्र भेजकर खरका से अवैध मौरम खनन पर रोक लगाने की मांग की है।

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