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सेना में भर्ती लोगो की संख्या 70 पहुंची, सबसे ज्यादा प्रमाणपत्र पतारा गांव में बने

हमीरपुर, महेश अवस्थी । भारतीय सेना में जांच के दौरान अभ्यार्थियों की संख्या 70 से अधिक हो गयी है। शहर में पहुंची सीबीआई की दो सदस्यीय टीम ने उन लोगो को पूछतांछ के लिए तलब किया जिन्होने अपने हस्ताक्षर से कागजात अभ्यार्थियांे को दिये थे। भारतीय सेना भर्ती प्रक्रिया मार्च 2017 में शुरू हुई थी। जिले में भर्ती प्रक्रिया को लेकर 70 अभ्यर्थी चयनित किए गए थे। यह अभ्यर्थी प्रदेश के अलीगढ़, फिरोजाबाद, मथुरा, बागपत, मेरठ, सहारनपुर के रहने वाले थे। जिन्होंने जिले में लेखपालों और नगर पालिका के सभासदों से मिलकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र और अन्य कागजात बनवाए थे। इनमें कुरारा, सुमेरपुर व ललपुरा थानाक्षेत्र के कई प्रधान भी सीबीआई के रडार पर हैं। करीब दो साल पूर्व इस मामले का खुलासा होने के बाद प्रकरण की जांच सीबीआई को दी गई थी।
पूछतांछ करते सीबीआई टीम
इस पर वर्ष 2018 में सीबीआई ने जिले में आकर कई दिनों तक मामले की जांच की थी। कई प्रधानों और लेखपालों से बयान लेने के बाद सीबीआई लौट गई थी। सीबीआई ने इस मामले में धारा-120 बी, 420, 467, 468, 471 और 13 (1) (डी) आफ 1988 एंड यूएस 66 आईटी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसी मामले को लेकर बुधवार को फिर सीबीआई की दो सदस्यीय टीम मौदहा बांध निर्माणखंड पहुंची। सीबीआई यहां 20 मार्च तक जांच करेगी। सीबीआई इंस्पेक्टर संतोष कुमार तिवारी ने फर्जी कागजात जारी करने वालों को तलब किया है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संजीव कुमार शाक्य ने सीबीआई के जांच करने की सूचना एडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव को दी है। जांच में सर्वाधिक 20 निवास प्रमाण पत्र पतारा गांव में जारी किये गये थें।

प्रधानों ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने से पल्ला झाड़ा
हमीरपुर। गहतौली व भभौरा के नाम से प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले में प्रधान नयन सिंह ने कहा उनकी पंचायत में इस नाम का कोई व्यक्ति कभी नहीं रहा हैं। वहीं सौंखर के प्रधान कप्तान सिंह यादव ने कहा पंचायत के मजरा नारायनपुर के पते से जिस युवक ने सेना में नौकरी हासिल की है। उसके गांव में रहने का कोई सबूत कभी नहीं रहा। इंगोहटा से रोहित पुत्र वेद प्रकाश के फर्जी प्रपत्र बनवाए जाने के मामले में सीबीआई टीम ने प्रधान शीतल प्रसाद कोरी से गहन पूछताछ की है। प्रधान ने कहा कि उसने कभी लेटर पैड का उपयोग नहीं किया है। लेटर पैड हस्ताक्षर, मोहर सब फर्जी है। सीबीआई ने बयान दर्ज करने के बाद सभी को जाने दिया। लेखपालों ने भी अपनी रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने वाले ज्यादातर युवक मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बागपत, मेरठ, सहारनपुर आदि जिलों के मूल निवासी हैं। उन्होंने डाकघर, गैस एजेंसी के साथ राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि तमाम फर्जी प्रमाणपत्र जनपद की पंचायतों के पते पर हासिल कर लिए थे। इन्हीं प्रमाण पत्रों के सत्यापन सीबीआई टीम कर रही है।

अभिलेखों के सत्यापन से खुला था राज
हमीरपुर। सेना भर्ती लखनऊ में हुई थी। जिसमें जिले से 70 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था जो बाहरी जिलों के रहने वाले थे। मगर सभी के निवास प्रमाणपत्र सदर तहसील से जारी किए गए थे। सर्वाधिक अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र कुरारा के पतारा गांव से जारी हुए थे। जिनमें राहुल पुत्र सत्येदव, पवन पुत्र शिवलाल समेत तमाम युवकों ने सेना भर्ती में आवेदन के साथ यहां का पता होने का प्रमाण पत्र दिया था। अभ्यर्थियों के कागजात सत्यापन के लिए एलआईयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) में आए। खुफिया विभाग ने गहराई से जांच की तो ज्यादातर प्रपत्रों में शिक्षा संबंधी मार्कशीट अलीगढ़ के थे। तब इस फर्जी रैकेट को लेकर एलआईयू ने अधिकारियों को अवगत कराया। बाद में सेना भर्ती का पूरा मामला सीबीआई को दिया गया।

लेखपालों समेत 18 कर्मियों से पूछताछ
हमीरपुर। जिले में जांच को आई सीबीआई ने बुधवार को जाकिर, मंसाराम, राजेंद्र शर्मा लेखपाल नारायनपुर, वीरेंद्र कुशवाहा लेखपाल ब्रह्मनपुर कुतुबपुर, रमेश शर्मा लेखपाल जखेला, प्रदीप कुमार तिवारी व मुहम्मद अली लेखपाल पचखुरा खुर्द, सुरेश पाल लेखपाल जलाला, हरगोविंद, रामकिशोर यादव लेखपाल कुरारा, कामता प्रसाद लेखपाल पतारा, सीताराम पाठक लेखपाल इंगोहटा को तलब कर पूछताछ शुरू की है। वहीं सदर तहसील कर्मियों में तकनीकी मैन पावर जावेद अहमद, शिवदत्त अवस्थी, शैलेंद्र कुमार सिंह वीआरसी, देवेश कुमार सोनी वीआरसी, सुरेशचंद्र संग्रह अमीन, हामिद आदि को भी तलब किया है। पूछताछ के दौरान कई कर्मचारी सीबीआई के सवालों से बेचैन नजर आए। वहीं सदर तहसील के माल बाबू बृजेश कुमार व बृजकिशोर की समस्त अभिलेखों सहित सीबीआई के सामने पेशी हुई है। तहसीलदार नाजिर गोविंद शर्मा व कलक्ट्रेट कर्मी गुड्डू बाबू को तलब कर अभिलेख लिए गए हैं। इसके अलावा प्रधानों में सौखर के कप्तान सिंह इंगोहटा के शीतल प्रसाद, पतारा की कुसुमा पत्नी, जलाला के नारायन सिंह व कल्ली पत्नी छोटा को सीबीआई ने पूछताछ के लिए तलब किया। जबकि नगर पालिका परिषद के वार्ड-6 अमनशहीद की निर्वतमान सभासद शीला व वार्ड-9 विवेक नगर के निर्वतमान सभासद रुद्रप्रताप सिंह को भी सीबीआई ने कैंप आफिस बुलाया है।

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