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कानपुर: झकरकटी बस अड्डे पर उमड़ी भीड़, 44 बसें चलाईं, करीब तीन हजार यात्री पहुंचे, फोर्स तैनात

कानपुर में झकरकटी बस अड्डे पर शनिवार शाम को करीब तीन हजार यात्री पहुंच गए। भीड़ देखकर रोडवेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिला प्रशासन और पुलिस को सूचना देकर फोर्स बुलाई गई। जिलाधिकारी भी बस अड्डे पहुंचे और बसों को चलाने के निर्देश दिए।
कानपुर आमजा भारत सवांददाता:- इस पर शाम को बस अड्डे से अलग-अलग जिलों के लिए 44 बसें रवाना हुईं। इनमें पूर्वांचल के जनपदों के लिए अधिक बसें थीं। दोपहर में बस अड्डे पर एक ही बस थी और करीब 250 लोग बसों मे इंतजार में थे। लेकिन शाम होते-होते यहां भीड़ उमड़ पड़ी। दिल्ली से आ रहे अलग-अलग जिलों के फंसे लोगों के लिए चलाई गईं बसों पर तमाम लोग कानपुर तक ही आने के लिए सवार गए।

इनमें कुछ यात्री चार-पांच दिनों से अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए थे। सूचना मिली कि झकरकटी बस अड्डे से बसें चलने वाली हैं तो ये लोग इकट्ठा हो गए। इससे बस अड्डे पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। ज्यादातर बसें कानपुर से गोरखपुर, वाराणसी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, प्रयागराज तथा बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, चित्रकूट के लिए भेजी गईं।

मची भगदड़, लगे जिंदाबाद के नारे
जैसे ही बस अड्डे पर अलग-अलग रूटों के लिए बसों को चलाने के लिए उनका नंबर एनाउंस  हुआ तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। इसके बाद कहना पड़ा कि जो भी यात्री फंसे हैं, उन्हें उनके जिले तक भेजा जाएगा, परेशान न हों। इस पर लोगों ने जिंदाबाद के नारे लगाए।

थर्मल स्क्रीनिंग हुई, रैन बसेरा बनवाया
जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी के निर्देश पर बसों से भेजे जाने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। सैनिटाइजर और मास्क की भी व्यवस्था हुई। जिलाधिकारी ने बस अड्डे पर सुबह से पहुंचने वाले यात्रियों को खत्री धर्मशाला और रॉयल गार्डेन में रुकवाने को कहा है। इन जगहों को अस्थायी रैन बसेरा बनाने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार शाम को यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर डीएम के निर्देश पर 44 बसें चलाई गईं। रविवार को भी अगर यात्री होंगे तो प्रशासन की अनुमति से स्क्रीनिंग कराकर उन्हें भेजा जाएगा। - राजेश सिंह, एआरएम, झकरकटी बस अड्डा

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