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एसी कोचों में कंबल देने पर लगाया प्रतिबंध, 25 डिग्री रहेगा टेंप्रेचर

कोरोना वायरस को लेकर रेल प्रशासन हुआ  अलर्ट 
सीटों के किनारे लगे पर्दों को भी हटाने के  दिए गए आदेश   

फ़िरोज़ाबाद, विकास पालीवाल  ।  कोरोना वायरस से बचाव हेतु 31 मार्च  तक वातानुकूलित कोचों में यात्रियों को कम्बल प्रदान नहीं किये जायेंगे। केवल चादर प्रदान किये जायेंगे। आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों को अतिरिक्त चादर की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रयागराज, हमसफर, संगम, श्रम शक्ति एक्सप्रेस आदि गाड़ियों के वातानुकूलित कोचों में यात्रियों की सुविधा हेतु यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई  है तथा पर्दों को भी हटाया जा रहा है। यात्रियों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो, इस बात का ध्यान रखते हुए वातानुकूलित
ट्रेन में सफर करते हुए  यात्री ।
कोचों का तापमान 25 डिग्री पर स्थिर रखा जाएगा। जिससे यात्रियों को कम्बल की आवश्यकता ही न पड़े। यह सुरक्षात्मक उपाय यात्रियों के हित को ध्यान में रखकर किया जा  रहा है। फ़िरोज़ाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद  स्टेशनों  पर गोमती एवं कालका मेल में यात्री भी चेहरे पर मास्क लगाकर यात्रा करते दिखाई दिए। इसके अलावा ट्रेनों के आने से पहले अनाउंसमेंट भी कोरोना से  बचाव लिए किया जा रहा है । इसके साथ ही स्टेशनों पर पैम्फलेट्स लगाकर यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है।
         इस संबंध में यात्री  श्रुति पाण्डेय का कहना था कि रेलवे का निर्णय सराहनीय है । रेलवे को चाहिए कि शुरुआत में टेंपरेचर को हाई रखा जाए तथा बाद में कम कर दिया जाए, क्योंकि इस समय गर्मी का मौसम भी  है जिससे डिब्बे के अंदर यात्रियों को कोई परेशानी ना हो।  यात्रा कर रहे  हेमराज मीना का कहना था कि रेलवे द्वारा जो हाईअलर्ट किया गया है, वह अच्छा है । जो भी किया है वह सब डॉक्टरों की सलाह पर किया है । लोगों
स्टेशन के बाहर मास्क पहने यात्री ।
को भी एतिहात  बरतने की जरूरत है।  वहीं रेलवे के अधिकारी  अजीत सिंह ( सीपीआरओ, एनसीआर प्रयागराज ) ने बताया कि करोना  वायरस का प्रभाव ना फैले, इसके लिए रेलवे काफी प्रयास कर रही है । केमिकल्स से  साफ सफाई कराई जा रही है ।  साथ ही डिब्बे में जहां पर यात्री हाथ रखते हैं उनको साफ करने का भी कार्य कराया जा रहा है । इसके अलावा बड़े स्टेशनों पर टॉयलेट को भी साफ कराया जा रहा है ।  उन्होंने बताया कि टेंपरेचर ऐसा रखा जाएगा कि यात्रियों को वातानुकूलित डिब्बों में कंबल ओढ़ने की जरूरत ना पड़े । यदि किसी यात्री को कंबल की जरूरत हो , तो वह अपने घर से लेकर चलें ।  अजीत सिंह ने बताया कि 31 मार्च के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार ही आगे का कदम उठाया  जाएगा । 

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