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हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2077 ‘प्रमादी’ संवत्सर का प्रारम्भ 25 मार्च से

नव विक्रम संवत 25 मार्च बुधवार को हिंदू नववर्ष की शुरूआत हो रही है। इस साल 2077 में प्रमादी नाम का विक्रम संवत रहेगा। विक्रम संवत 2077 का आरंभ कर्क लग्न और मीन राशि में हो रहा है 2077संवत , 12 नहीं 13 महीनों का होगा ऐसा इसलिए होगा क्योंकि इस साल अश्विन का अधिक मास रहेगा, इस नए संवतसर का राजा बुध और मंत्री चंद्रमा रहेगा। इनके प्रभाव   से  अच्छी वर्षा  होंगी अनाज उत्पादन बढ़ेगा और कृषि के क्षेत्र में भी विकास होगा।.इस संवत में सूर्य, चंद्र, बुध, बृहस्पति और शनि ये 5 ग्रह प्रभावशाली रहेंगे। इनके प्रभाव से देश
की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। न्याय व्यवस्था में मजबूती आएगी व्यापारियों के लिए वर्ष लाभकारी है  और अन्य मामलों में भी देश की तरक्की होगी। धार्मिक और मांगलिक आयोजन अधिक होंगे रक्षा बजट में वृद्धि होगी स्वदेशी खानपान बढ़ेगा शासकों और राष्ट्रों में राजनीतिक व्यवसायिक तनाव रहेगा 
 संवत 2077 का ग्रह मंत्री परिषद इस प्रकार है राजा-बुध , मंत्री-चंद्रमा  , सस्येश-गुरू,, धान्येश-मंगल , मेघेष-सूर्य , रसेश-शनि  नीरसेश-गुरू,  फलेश-सूर्य , धनेश-बुध  दुर्गेश-सूर्य । इस संवत् में 2 सूर्य ग्रहण होगंें।
इस दिन नये वर्ष के पचांग का पूजन कर वर्षफल सुना जाता है। निवास स्थानों पर ध्वाजा और बन्दनवार लगाते है। महाराष्ट्र में गुडी पड़वा पर घर-घर में ध्वाजायें फैरायी जाती है। इसदिन नीम के नये कोमल पत्तों, जीरा, काली मिर्च, हींग, नमक को पीसकर खाने से  वर्ष भर अरोग्यता रहती है-

 - ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

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