Latest News

भाजपा:- 2022 के चुनाव को लेकर संगठन की नई तैयारी

कानपुर में कोरोना के दहशत के बीच भाजपा ने अपनी हारी हुई विधानसभा सीटों पर पार्टी की गतिविधियां तेज करने का फैसला लिया है। इसी वजह से इन विधानसभा सीटों के लिए प्रभारी की घोषणा की गई है। सीसामऊ के लिए प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य मुखलाल पाल और छावनी सीट के लिए झांसी निवासी कानपुर-बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के चेयरमैन मानवेंद्र सिंह, इटावा की जसवंत नगर सीट के लिए पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे, कन्नौज सदर सीट पर पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान को प्रभारी बनाया गया है।
कानपुर नगर और देहात की सभी 14 विधानसभा सीटों में महानगर की तीन विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां पर भाजपा 2017 को विधानसभा चुनाव हार गई थी। इन सीटों पर पार्टी की मजबूती के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की तरफ इन प्रभारियों को विशेष हिदायत दी गई है कि इन विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी जिम्मेदारी से काम करें। लोगों से मिलें, वहां संगठन की अभी तक की स्थिति और लोगों की भाजपा के प्रति क्या राय है, इस संबंध में बराबर रिपोर्ट भी देने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि इस सीट पर पार्टी की हार की वजह क्या रही है, उस कमी को कैसे दूर किया जा सकता है, इस पर भी काम करने को कहा गया है।

सीसामऊ क्षेत्र के प्रभारी बनाए गए मुखलाल पाल का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र की हर गतिविधि पर प्रभारियों को नजर रखने और संगठन को मजबूत करने को कहा गया है। कोरोना वायरस के चलते यह भी हिदायत है कि अभी ज्यादा लोगों को एक स्थान पर नहीं रोकना है।

आर्यनगर सीट पर नहीं बनाए प्रभारी
भाजपा की हारी हुई सीटों पर बनाए गए प्रभारियों की सूची से महानगर की आर्यनगर विधानसभा सीट को अलग रखा गया है। इसके पीछे क्या वजह है पता नहीं लेकिन चर्चा है कि इस सीट पर पिछली बार प्रत्याशी रहे पार्टी के प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई को ही जिम्मेदारी दी जा सकती है।

यह भी चर्चा है कि सलिल से राय लेकर ही किसी को प्रभारी की भूमिका में रखा जाए। दरअसल संगठन की तरफ से सलिल इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा क्षेत्र वाराणसी सीट की जिम्मेदारी भी देख रहे हैं, इस वजह से भी उनकी विधानसभा सीट को प्रभारी से मुक्त रखा गया है।

No comments