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विश्वामित्र के साथ राम कथा सुन श्रोता हुये भाव विभोर

शिकोहाबाद, विकास पालीवाल  । नगर के मनोरंजन सदन में चल रही श्रीमृद भागवत कथा के आज पाॅचवे दिन  कथा वाचक सीताराम शरण मानस पीयूष ने कहा कि पिता अपने बच्चों से स्वभाविक प्ररेणा करता है। उसी प्रकार भगवान भी सभी पर बिना कारण कृपा करते हैं । उन्होने आगे कहा कि विश्वामित्र महातपस्वी और महाज्ञानी थे। वे रावण के निशाचरों से परेशान हो कर अयोध्या पहुंचे। जहां पर राजा दशरथ ने उनका स्वागत कर
आने का आयोजन पूछा। वहीं वशिष्ठ और विश्वामित्र के चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। राजा दशरथ से राम लक्ष्मण दोनों पुत्र सौंपने के लिए कहा, लेकिन राजा दशरथ ने पुत्र देने के लिए पहले मना किया, लेकिन गुरु वशिष्ठ ने राजा दशरथ को समझाया।  ऋषि विश्वामित्र राम लक्ष्मण के साथ मिथला नगरी पहुंचे। ऋषि के लिए राम लक्ष्मण पुष्प वाटिका में पुष्प लेने गए। जहां पर राम लक्ष्मण ने सीता वह अन्य सखियों को देखा। संगीतमय कथा होने से संगीत पर महिलाएं और पुरुषों ने नृत्य किया। इस अवसर पर अनेक महिला -पुरुष उपस्थित थे। 

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