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नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़, सरकारी स्कूल बना बारातशाला

फतेहपुर, शमशाद खान । शासन प्रशासन के लाख आदेश हों या शिक्षा विभाग के निर्देश लेकिन अभी भी सरकारी प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों का बारातशालाओं के रुप में इस्तेमाल बंद नहीं हो पा रहा है। मामला असोथर ब्लाक के बहादुरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय (कम्पोजिट स्कूल) का है।
बहादुरपुर में एक दिन पूर्व गांव के अनंत दुबे की बेटी की शादी थी। जिसकी बारात में मवैया गांव से आई थी। स्कूल परिसर व कक्षों को बारात के ठहरने के लिए प्रधानाचार्य द्वारा बारातशालाओं के लिये दे दिया गया। जैसा कि बारातों में आमतौर पर होता है, बारातियों ने विद्यालय के कक्षों में जमकर दारू पी और गंदगी फैलाई। दो वर्ष पूर्व भी इसी विद्यालय में ठहरी बारात में आये बड़ा गांव के एक शक्स की संदिग्धावस्था में मौत हो गयी थी। जिस
विद्यालय के कक्ष में आराम करते बाराती। 
पर काफी हो हल्ला हुआ था। इस घटना के बाद भी विद्यालय स्टाफ ने कोई सबक नहीं लिया। ग्रामीणों की मानें तो विद्यालय के स्टाफ में कार्यवाहक प्रधानाचार्य विजय कुमार शुक्ल, सहायक अध्यापक उनकी पत्नी और एक अन्य सहायक अध्यापक ललितेश शुक्ल सभी आपस में सम्बंधी हैं और विद्यालय भवन व परिसर को अक्सर शादी समारोहों के लिये उपयोग हेतु देते रहते हैं। आरोप यह भी है कि इस त्रिगुट के कारण नौनिहालों की पढ़ाई चैपट है और उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। हालांकि ग्राम प्रधान के अनुसार विद्यालय परिसर की रात में ही सफाई करा दी गयी है और छात्रों के स्कूल पहुंचने के पूर्व ही बारात को स्कूल से रुखसत कर दिया गया है। लेकिन सवाल यही है कि शासन के निर्देशों को बलायेताक रखकर बारातशाला या जनवासे के रूप में विद्यालय भवन व परिसर को मनमर्जी से उपयोग में लेने वाले वर्षों से इस विद्यालय में जमें हुए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी? 

किसी भी विद्यालय भवन और परिसर का इतर उपयोग के लिये दिया जाना गलत है। यदि विद्यालय को बारातशाला के उपयोग के लिए दिया गया है तो जिम्मेदार के विरुद्ध जरूर कार्यवाही की जायेगी- शिवेन्द्र प्रताप सिंह, बीएसए फतेहपुर। 

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