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बिलायां में विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस को बंधक बना पीटा

घटना में नामजद सात आरोपियो को गिरफ्तार कर भेजा जेल
घटना के बाद कई थानों की पुलिस पहुंची थी गांव में
पिटाई से घायल दरोगा का चल रहा उपचार

एट (जालौन), अजय मिश्रा । ग्राम बिलायां में दो पक्षों में हुए विवाद की सूचना पर पहुंचे दरोगा व सिपाही को एक पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने बंधक बनाकर पीटा जान बचाकर भागे पुलिस कर्मी ने एसओ को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने उच्चाधिकारियों को घटना के बारे में अवगत कराया और फोर्स सहित मौके पर पहुंचे कड़ी मशक्कत के बाद दरोगा को उनके चंगुल से छुड़ाया और इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस कर्मियों की तहरीर पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज की है वही 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की है। तो वहीं पुलिस पर हमला करने वाले सात नामजद अरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस पार्टी पर हमला करने वाले नामजद आरोपी।
थानाध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी को मध्य रात्रि करीब 10.30 बजे  विनोद परिहार के पुत्र आशिक ने फोन कर कहा कि कुछ लोग शराब के नशे में गाली गलौज के साथ साथ मारपीट भी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने तत्काल दरोगा रामसनेही तथा कांस्टेबल देवदत्त को मौके पर भेजा मौके पर पहुंची। पुलिस ने कल्लू पुत्र फूल सिंह तथा दीपू पुत्र बाला प्रसाद को पकड़ लिया उनको गाड़ी में बैठाकर वह राजू पत्र बाला प्रसाद को पकड़ने उनके घर गए जैसे ही राजू को पकड़ने के लिए प्रयास किया तो उसकी पत्नी राजू के बचाव में उतर आई तो दरोगा व सिपाही दोनों को घसीटते हुए ले जा रहे थे तभी मोहल्ले वाले एकत्रित हो गए राजू के भाई संजय ने आवेश में आकर दरोगा रामसनेही को एक थप्पड़ मार दिया देखते ही देखते उसके पांचों भाई तथा मोहल्लेवासी पुलिस पर हावी हो गए और दरोगा रामसनेही को पीटना शुरू कर दिया। इस बीच सिपाही देवदत्त किसी तरह से अपनी जान बचाकर गांव से भागने में सफल रहा। तो हमलावरों के हौंसले बुलंदियों पर पहुंच गये फिर उन्होंने  दरोगा रामसनेही को रस्सी से बांधकर बुरी तरह पिटाई कर उन्हें लहुलुहान कर दिया। इसके बाद जैसे ही घटना की जानकारी जिला मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को मिली तो कई थानों की पुलिस को बिलायां पहुंचने के निर्देश दिये गये इसके बाद अर्द्धरात्रि के सन्नाटे में पूरा गांव पुलिस गाड़ियों के सायरन से गूंज उठा तब कहीं जाकर पुलिस ने अपने साथी दरोगा रामसनेही को हमलावरों से चंगुल से छुड़ाया और उन्हें उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा। तब तक माधौगढ़ कोतवाली, गोहन थाना, चुर्खी थाना, आटा थाना, डकोर थाना, कैलिया, कोटरा व कोंच कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंच गये थे।
मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉक्टर सतीश कुमार को दी गई पुलिस अधीक्षक सहित जिले के सभी थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और बालाप्रसाद उसके लड़के राजू संजय दीपू कल्लू राघवेंद्र, जयमाला आदि को पकड़कर थाने ले आई। संजय के घर से एक तमंचा बरामद हुआ तथा अन्य लोगों के पास से एक कुल्हाड़ी, डंडा भी बरामद हुआ। पुलिस ने उक्त घटना में बालाप्रसाद पुत्र हल्कू, सोबरन, राजू, आनंद, संजय, दीपू पुत्रगण बालाप्रसाद, कल्लू पुत्र पूरन, राघवेंद्र पुत्र फूल सिंह, ऊषा देवी पत्नी संजय, जयमाला पत्नी दीपू व आशा पत्नी आनंद के साथ ही दस से पंद्रह अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 27/20 धारा 147, 148, 149 332, 353, 506, 307, 342 आईपीसी व 7 क्रिमनल ल एक्ट के तहत दर्ज करते हुये सात नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हमलावरों द्वारा महिला से अभद्रता करने पर बढ़ा था विवाद
उरई। बिलायां गांव में बीती रात्रि दो पक्षों के बीच में झगड़ा की शुरूआत शराब के नशे में कल्लू, राजू व दीपू विनोद परिहार के बीच में गाली गलौज व मारपीट हो गयी थी। इस दौरान बीच-बचाव करने आई विनोद की पत्नी उमा देवी को कल्लू पुत्र फूल सिंह ने पेट में लात मार दी थी जिससे वह अचेत होकर जमीन पर गिर गयी थी। मां को अचेत देखकर आशिक पुत्र विनोद परिहार ने एट थाना पुलिस को सूचना दी तो पुलिस गांव में आ गयी थी।
पूरी रात दहशत में रहे बिलायां के ग्रामीण
उरई। एट थाना क्षेत्र के ग्राम बिलायां में बीती रात्रि ग्रामीणों ने जिस तरह से पुलिस पार्टी पर हमला बोलकर दरोगा को मारपीट कर अधमरा करने की जानकारी जिला मुख्यालय स्थित पुलिस के आला अधिकारियांे को पता चली तो समूचे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके आधा घंटे के अंतराल में बिलायां के ग्रामीणों के कानों में पुलिस वाहनों के सायरन की आवाजें गूंजने लगी और वह बड़ी अनहोनी से सहम कर अपने घरों में दुबकने को विवश हो गये। जब पुलिस ने सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की।

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