Latest News

दशकों से आवास, राशनकार्ड को भटक रहे आदिवासी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । लगभग सात दशक से मतदान करने के बावजूद दर्जनों आदिवासियों को अभी तक न तो राशनकार्ड बने न ही आवासीय कालोनी के लिए धन उपलब्ध कराया गया। केवल आवास के पट्टे दिए गए हैं। 
बरगढ़ क्षेत्र के ग्राम कोल मजरा के आदिवासी जानकी, मोहन, माधुरी, अनंती, चिंता, मनमोहन, सुरेश, धना देवी, ऊषा देवी, उर्मिला, सुशीला, राम देवी, मुंशीलाल, प्रभु, ज्योति, पवन, सुनील काशी, मालती, पप्पू, राम सुंदर,
गिरजा, मिन्ता, रामजीत, आशा देवी, विनोद, गीता देवी, मुंशी, मेवालाल आदि ने डीएम को सौपे पत्र में कहा कि आवास योजना का लाभ देते हुए राशनकार्ड बनाए जाए। झुग्गी झोपडी बनाकर बच्चों सहित जीवन यापन कर रहे हैं। खेती के लिए जमीन का पट्टा नहीं मिला। बताया कि मजदूरी व दोनो पत्तल बेंच कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अभी तक केवल आधार कार्ड बने हैं। अन्य शासन की सुविधा से वंचित हैं। पीड़ितों ने मांग की है कि पीएम आवास योजना समेत राशनकार्ड का लाभ दिलाया जाए। 

No comments