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टीम नें कृषि विज्ञान केन्द्र कुरारा में स्थापित सीड हब एवं प्रथम पंक्ति प्रदर्शन का किया अवलोकन

हमीरपुर, महेश अवस्थी । भारत सरकार की संयुक्त टीम के रूप में डा0 मान सिंह निदेशक भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, संयुक्त कृषि निदेशक, चित्रकूट धाम मण्डल विवेक कुमार सिंह, डा0 आर0ए0 यादव प्रोफेसर चन्द्रशेखर कृषि एवं कृषि प्रौद्यौगिकी विश्व विद्यालय कानपुर एवं डा0 राजेश कुमार मुख्य वैज्ञानिक, भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर के वैज्ञानिकों ने विकास खण्ड कुरारा जनद-हमीरपुर के ग्राम-भौली, बिलौटा, शेखूपुर एवं रघवा में मटर फसल का संहत प्रदर्शन का अवलोकन करते हुए कृषकों से विभाग द्वारा दी
अवलोकन करती टीम
जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होने अलसी, मसूर एवं चना, सरसों की फसल का मिलवां खेती ग्राम-डामर में देखा, इसके पश्चात उक्त संयुक्त टीम ने कृषि विज्ञान केन्द्र कुरारा में स्थापित सीड हब एवं प्रथम पंक्ति प्रदर्शन का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होने कृषकों को उनकी आय दोगुनी करने के संदर्भ में अपेक्षित सुझाव दिये तथा कृषकों को यह प्रोत्साहित किया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए दलहनी फसलें बहुत कारगर हैं इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि विकास खण्ड कुरारा में कुछ कृषक जो धान की खेती करते हैं उसे इन्हे नही करना चाहिए इससे भूमि का जल स्तर नीचे जा रहा है। उन्होने कृषकों का आवाह्न किया कि फसल अवशेषों को कदापि न जलाये अपितु कृषि विभाग द्वारा फार्म मशीनरी बैंक एवं कस्टम हायरिंग सेन्टर के अन्तर्गत इन-सीटू योजनाओं के अन्तर्गत जो कृषि यंत्र दिये गये हैं उनका प्रयोग करते हुए फसल अवशेषों को खेतो में मिला दें जिससे उनके भूमि की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ उर्वरक पर होने वाले व्यय पर भी बचत किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कृषकों को बताया गया कि वह समर मूंग की भी खेती करें एवं अपनी फसलों का बीमा अवश्य करायें ताकि किसी विपरीत परिस्थिति में उनको क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सके। उन्होने कृषकों को खेत तालाब बनाकर उनकी मेड़ों पर वृक्षारोपण करने का भी सुझाव दिया।  

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