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छात्रों ने सरकारी इंटर कालेज खुलवाने की लगाई गुहार

छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन 
कक्षा आठ के बाद गांव के बच्चे पढ़ाई से होते हैं वंचित 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । वर्तमान समय में जब पढ़ाई रूपी पंख लगाकर आसमान में परवाज करने का समय है, उस समय में सहेवा गांव एक सरकारी इंटर कालेज के लिए तरस रहा है। चुनाव के वक्त तो राजनीतिक दलों के लोग गांव की धूल फांकते हुए वोट मांगते हैं, लेकिन कुर्सी मिल जाने के बाद वही जनप्रतिनधि दोबारा झांकने तक नहीं आते हैं। मंगलवार को एक दर्जन से ज्यादा छात्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांव को एक सरकारी इंटर कालेज उपलब्ध कराए जाने की मांग की है ताकि यहां के बच्चे भी पढ़-लिखकर अपना व अपने जिले का नाम रोशन कर सकें। 
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने आए सहेवा गांव के छात्र
अतर्रा तहसील के सहेवा गांव में रहने वाले एक दर्जन से ज्यादा छात्रों ने बीएड छात्र सुमित शुक्ला संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने बताया है कि गांव में कक्षा आठ के बाद की शिक्षा ग्रहण करने का कोई प्रबंध नहीं है। घरेलू आर्थिक स्थिति जर्जर होने के कारण किसान व मजदूर समुदाय अपने बच्चों को बाहर की शिक्षा दिला पाने में असमर्थ है। प्रत्येक चुनाव में सरकारी इंटर कालेज मुद्दा बनकर सामने आता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सभी नेता गायब हो जाते हैं। इस संबंध में छात्रों का नेतृत्व कर रहे सुमित शुक्ला ने कहा कि हमने इससे पूर्व बांदा के जिलाधिकारी व विधायक सदर, सांसद और विधान सभा चुनाव के दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को समस्या से अवगत कराया, सभी ने आश्वासन दिया, लेकिन फिर मुड़कर नहीं देखा। छात्रों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सहेवा गांव में एक सरकारी इंटर कालेज खुलवाया जाए ताकि यहां के बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके। इस मौके पर समिति कुमार शुक्ला समेत दर्जनों की संख्या में छात्र मौजूद रहे। 

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