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मनुष्य के जन्म का उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति करनाः माता कांता

संत निरंकारी सत्संग संगत में जुटी सेवादारों की भारी भीड़

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । बुधवार को कालपी रोड उरई विवेकानंद कॉलोनी के सामने स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में संत निरंकारी सत्संग का आयोजन हुआ जिसमें पूरे जिले से आये सभी संत महात्माओं ने अपने अपने विचार रखे।
संगत को संबोधित करते हुए आगरा से आए जोनल इंचार्ज माता कांता महेंद्रू ने कहा मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है जो परमात्मा कण कण पत्ते पत्ते में विराजमान है जिसके लिए कहा जाता है कि हरि व्यापक सर्वत्र समाना प्रेम से प्रगट होए मैं जाना यह सद्गुरु की कृपा से जब इंसान जान लेता है, तो इंसान की सोच बदल जाती है, विचारधारा बदल जाती है जीवन जीने का ढंग बदल जाता है। हृदय के अंदर वसुधैव कुटुंबकम की भावना आ जाती है और सब में ईश्वर के दर्शन करते हुए इंसान अपने कर्मों को करता है जिसके अंदर प्रेम प्यार
निरंकारी सेवादारों को संगत में प्रवचन करती माता कांती।
मिल बर्तन भाईचारा जैसे दिव्य गुण शामिल होते हैं ईश्वर का भय इंसान के हृदय को पावन और पवित्र कर देता है और उसका हर करम भक्ति बन जाता है माता कांता महेंद्रू ने बताया जिस घर में सास बहू में प्रेम है इससे बढ़कर कोई भक्ति नहीं जिस घर में पति पत्नी में प्रेम है इससे बढ़कर कोई पूजा नहीं जिस घर में बुजुर्गों का आदर सम्मान होता है इससे बढ़कर कोई भक्ति पूजा नहीं हमारे घर के बुजुर्ग माता-पिता ही हमारे लिए आदरणीय पूजनीय सम्मानीय है जो बच्चे अपने घर से माता-पिता से आशीर्वाद लेकर किसी काम को अंजाम देने के लिए निकलते हैं उनको जीवन के सारे सुख सारी खुशियां मिलती हैं। मंच का संचालन सेवादल के संचालक कमल चंद्र ने किया आदर्श के भक्ति गीत पर सभी संत महात्मा झूमे उठे। सत्संग समाप्ति के बाद जिले भर से आये सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा व शांति पूर्ण तरीके से लंगर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। सत्संग ग्राउण्ड में लंगर प्याऊ प्रकाशन पर  मर्यादा एवं अनुशासन के दिखाई दे रहा था। इस मौके पर संयोजक राजीव महेंद्रू, शिक्षक त्रिभुवन नाथ, डॉ. सीपी सिंह राजपूत, ब्रह्म स्वरूप शर्मा, संतराम जिलेदार, शिक्षिका बहन शीतल, दादा चैरसिया जालौन, दीनानाथ गढ़ा, आशा चैरसिया कालपी, शिवम वर्मा, भानसिंह, पिंटू, दिनेश, संदीप व हजारो की संख्या में संत महात्मा उपस्थित रहे।

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