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सीएए का विरोध देश विरोधी मानसिकता का द्योतक

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जिस तरह से सीएए नागरिकता संशोधन कानून को लोकसभा व राज्यसभा में पारित कराया है तभी से इस कानून को लेकर दिल्ली सहित देश के अनेकों शहरों में विरोध प्रदर्शन के नाम पर अराजकता की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। इस तरह के विरोध प्रदर्शन को किसी भी सूरत में देशहित में नहीं माना जा सकता है। जब इस संबंध में समाजसेवियों से उनकी राय जानी तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं यह उनकी देश विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

प्रतिक्रिया देते सुशील, अपूर्व, रज्जन, रोहित, लवी।
सीएए के समर्थन में अपनी बात कहते हुये युवा सुशील कुमार इंजीनियर ने कहा कि निश्चित रूप से देश के प्रधानमंत्री द्वारा जिस तरह से सीएए कानून लाये है उससे कुछ देशों में उत्पीड़ित लोगों को देश की नागरिकता मिलनी की राह आसान हुयी है यह एक स्वागत योग्य कदम है। युवा समाजसेवी अपूर्व मिश्रा ने कहा कि जो लोग सीएए कानून का विरोध कर रहे हैं उन्हें इस कानून के बारे में गुमराह करने का काम किया गया है। यह कानून किसी की नागरिकता लेने का नहीं बल्कि उत्पीड़ित लोगों को नागरिकता देने के लिये है। भाजपा नेता रज्जन सिंह ने सीएए कानून का समर्थन करते हुये कहा कि इस कानून के बाद जो उत्पीड़ित लोग कई वर्षों से हमारे देश में शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे थे अब वह मान सम्मान के साथ देश की मुख्यधारा से जुड़ जायेंगे। समाजसेवी रोहित कुमार ने कहा कि सीएए के विरोध के नाम पर जो लोग उपद्रव कर देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं उनके विरोध कठोर कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जानी चाहिये ताकि देश में सभी लोग एकता के सूत्र में बंधकर देश की खुशहाली के काम कर सके। युवा समाजसेवी लवी गुप्ता ने कहा कि सीएए के नाम पर जिस तरह से अनेकों कालेजों में छात्रों को भड़काने का काम किया जा रहा है ताकि मुट्ठी भर लोगों की देश विरोधी मंशा पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं पहले वह इस कानून के बारे में सही तथ्यों की जानकारी कर लें।


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