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महाशिवरात्रि आज, पूर्व संध्या पर सजाए संवारे गए शिव मंदिर

बामदेवेश्वर मंदिर में गुरुवार को की गई साफ-सफाई 
आज भोर से ही श्रद्धालुओं का शिवदर्शन को लगेगा तांता 
शहर में शिव बारात का भी किया जाएगा भव्य आयोजन 
भगवान शंकर की विभिन्न झांकियां भी सजाने की तैयारी 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । महाशिवरात्रि का पर्व शुक्रवार को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर शहर के बामदेवेश्वर मंदिर में गुरुवार को युद्ध स्तर पर सफाई और बिजली की सजावट का कार्य किया गया। पूरा दिन मंदिर के विभिन्न स्थलों को सजाने और संवारने का काम किया जाता रहा। शुक्रवार को भोर से ही श्रद्धालुओं का शिव दर्शन और पूजन के लिए तांता लग जाएगा। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए यूपी-एमपी से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बामदेवेश्वर पर्वत आते हैं। गुरुवार की देर रात तक मंदिर की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को भी ड्यूटी पर मुस्तैद रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
महा शिवरात्रि पर्व के पूर्व गुरुवार को बामदेवेश्वर मंदिर में साफ-सफाई करते कर्मचारी 
शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शहर के बामदेवेश्वर पर्वत पर विराजमान भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए हजारों-लाखों की संख्या में यूपी और एमपी के श्रद्धालु शिवदर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। गुरुवार को बामदेवश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ ही मंदिर के कोने-कोने की सफाई की गई। सुबह से ही कर्मचारी मंदिर में बिजली की साज-सज्जा करने और लिपाई-पुताई करने में लगे रहे। बामदेवेश्वर मंदिर के गुंबद तक को पेंट करके सजाया संवारा गया। महाशिवरात्रि में शुक्रवार की भोर से ही हजारों श्रद्धालुओं का तांता शिव दर्शन और जलाभिषेक के लिए लग जाएगा। इसको लेकर मंदिर व्यवस्थापकों ने पूरी तैयारी कर ली है। गुरुवार की देर रात तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही गुफा के अंदर विराजमान भगवान भोलेनाथ के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से स्वयंसेवकों को भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा बिजली की साज-सज्जा का इंतजाम किया गया है। 

शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए महाशिवरात्रि शुभ अवसर 
- श्रद्धा से व्रत रखकर पूरा दिन भगवान शिव भक्ति में बिताएं 

बांदा। भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि से अच्छा कोई शुभ अवसर नहीं है। महाशिवरात्रि पर भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत रखते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन श्रद्धा से व्रत रखते हैं, उन्हें भगवान शिव की कृपा मिलती है। इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति से भोले शंकर का व्रत रखना चाहिए।
पूरा दिन भगवान शिव के चरणों में भक्ति के साथ बिताना चाहिए। सुबह सबसे पहले जल में काले तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद भोले शंकर के शिवलिंग पर दूध, शहद से अभिषेक कराना चाहिए। अभिषेक करते समय ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। इस व्रत को करें तो ध्यान रखें कि चावल, आटा और दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर निराहार व्रत नहीं रख सकते तो इस दिन फ्रूट्स, चाय, दूध ले सकते हैं। शाम को कूट्टू के आटे से बनी पूड़ी, सिंगाड़े का आटा ले सकते हैं। इसके अलावा आलू और लौकी का हलवा भी ले सकते हैं। अगर आप पूरे दिन निराहार व्रत रखना चाहते हैं तो अगले दिन स्नान करके व्रत का पारण कर सकते हैं। इस बीच रात्रि में भोले शंकर का जागरण करना चाहिए। कहा जाता है कि शिवरात्रि में संपूर्ण रात्रि जागरण करने से महापुण्य फल की प्राप्ति होती है। 

शिव की आराधना से पूरी होती हैं मनोकामनाएं 

बांदा। भगवान शिव, भोले भंडारी हैं। भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है। उनकी कृपा से दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है। फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आने वाली महाशिवरात्रि भगवान शिव को अति प्रिय है। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ हैं। इस दिन भगवान शिव की आराधना से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव अर्धरात्रि में भगवान ब्रह्मा के अंश से प्रकट हुए थे। यह भी मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव का गौरा माता से विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर गरीबों को भोजन कराएं, इससे आपके घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी। इस दिन अपने घर में डमरू को रखें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्ति प्रवेश नहीं कर पाएंगी। अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है तो डमरू को उसके कमरे में रख सकते हैं। महाशिवरात्रि पर अपने घर को साफ-सुथरा रखें। इससे
दरिद्रता दूर हो जाती है। महाशिवरात्रि के दिन अपने घर के हर कोने में नमक का पानी छिड़कें। घर के मुख्य द्वार पर लाल सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं और दोनों ओर शुभ लाभ लिखें। इस त्योहार पर काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करें। इस दिन घर में शिव परिवार का चित्र लगाएं। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इस दिन घर के मंदिर में उत्तर दिशा में भगवान शिव और भगवान गणेश की मूर्ति विधि-विधान से स्थापित करें। नीला रंग भगवान शिव को प्रिय माना जाता है। उनकी आराधना में नीले रंग के फूल रखें। व्यापारिक प्रतिष्ठान में भगवान शिव की ऐसी मूर्ति स्थापित करें, जिसमें वह नंदी पर विराजमान हों। महाशिवरात्रि पर पूरे दिन ऊं नमः शिवाय का जाप मन ही मन करते रहें। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर केसर मिला हुआ मीठा दूध अर्पित करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस दिन बैल को हरा चारा अवश्य खिलाएं। इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अगर घर में कोई रोगी है तो शिवरात्रि पर शिवलिंग पर काले तिल अवश्य अर्पित करें। शिव मंदिर में रातभर के लिए घी का दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से जीवन में कभी भी धन का संकट नहीं होता है। 
 
शिवरात्रि पर बिलगांव में भव्य आयोजन, भंडारा आज 

बिलगांव। बिलगांव-खुरहंड मार्ग पर स्थित भजनदास के डेरा शंकर पुरवा में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया है। श्रद्धालु भक्त मानस प्रवचन, संगीत भजन आदि आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार
बामदेवेश्वर मंदिर में प्रसाद बनाते कर्मचारी 
को हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजक महंत भजनदास व स्वागताध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि महाशविरात्रि के दिन हवन-पूजन के साथ ही भंडारे का आयोजन होगा। दीवारी प्रतियोगिता और कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके साथ ही भजन संगीत भी आयोजित किए जा रहे हैं। महंत भजनदास व संतोष सिंह ने श्रद्धालु भक्तों और ग्रामीणों से शिवरात्रि महोत्सव में पहुंचने की अपील की है। प्रतिभागी कलाकारों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

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