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स्वास्थ्य के लिहाज से खास: कलिंजर महोत्सव

कलिंजर महोत्सव में स्वास्थ्य के मुद्दों पर हो रहे जागरुकता कार्यक्रम
लोगों को मिल रही स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी
संसदीय स्वास्थ्य मेले में 10 से 4 बजे तक मिल रही जांच-उपचार की सुविधाएं   

बांदा, कृपाशंकर दुबे । जनपद में चल रहे कालिंजर महोत्सव में इस बार स्वास्थ्य सम्बन्धी विशेष सुविधाएँ दी जा रही हैं। यदि आप महोत्सव में जाने की सोच रहे हैं तो वहाँ स्वास्थ्य लाभ लेना न भूलें। महोत्सव के चलते कालिंजर परिसर में लगे दो दिवसीय संसदीय स्वास्थ्य मेले की अवधि भी बढ़ा दी गई है ताकि लोगों को जांच-उपचार का अधिकाधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही स्टाल लगाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ नुक्कड़-नाटक, गीत-संगीत आदि के माध्यम से स्वास्थ्य के मुद्दों पर लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। 
उपजिलाधिकारी व कलिंजर फोर्ट विकास समिति की संयोजक सचिव वंदना श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी हीरालाल की अध्यक्षता में आयोजित यह महोत्सव स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खास है। महोत्सव में कुल 95 स्टाल लगाए गए हैं जिनमें सरकारी योजनाओं के साथ-साथ हस्तशिल्प, लघु उद्योगों, शिल्पकला आदि के स्टाल शामिल हैं। इनमें से 17 स्टाल स्वास्थ्य विभाग के हैं। इसके अलावा  स्वास्थ्य सम्बन्धी मुद्दे जैसे स्तनपान के
जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार
महत्त्व, टीकाकरण, कन्या भ्रूण हत्या, पुरुष नसबंदी आदि पर सन्देश देकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कुल 17 स्टाल लगाए गए हैं जिनमें विभाग द्वरा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी लोगों को को दी जा रही है। इनमें बाँदा सुपोषण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, पुनरीक्षित राष्टीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन कार्यक्रम, नेशनल वेक्टर-बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य केंद्र), जिला होमियोपैथी चिकित्सा, क्षेत्रीय आयुर्वेद यूनानी, योग के स्टाल शामिल हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य पर काम कर रही स्थानीय स्वयं सेवी संस्थाओं जैसे अभ्युदय संस्थान, जन शिक्षण संस्थान आदि द्वारा भी स्टाल लगाए गए हैं। महोत्सव के चलते कलिंजर परिसर में 20 फरवरी से आयोजित दो दिवसीय संसदीय स्वास्थ्य मेले की अवधि भी बढ़ा दी गई है। यहाँ लोगों को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक एलोपेथिक के साथ-साथ आयुष एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हीमोग्लोबिन, शुगर आदि की जांच और दवाइयाँ दी जा रही हैं। इसके अलावा योग के बारे में जागरुकता फैलाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। 

अन्नप्राशन व गोदभराई संस्कार कर कुपोषण मिटाने का दिया सन्देश       
 
बांदा। महोत्सव के दूसरे दिन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई पर आधारित नाटक का संदर प्रस्तुतीकरण किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व समूह सखियों ने बुन्देली अंदाज में गोदभराई के महत्त्व व् छह माह के बाद बच्चे को सही ऊपरी आहार देने के बारे में लोगों को जागरुक किया ताकि कुपोषण को रोका जा सके। मेले के पहले दिन भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कन्या भ्रूण हत्या व पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994) पर आधारित नाटक के द्वारा लोगों को जागरुक किया गया था।

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