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शिक्षक निष्ठा प्रशिक्षण की धनराशि पर सवालियो की नजर टेढ़ी?

डाॅयट प्राचार्य पिण्डारी की निष्ठा पर उठी उंगली
बजट के बारे में ली जानकारी तो बंध गयी घिघ्घी
प्रभारी डाॅयट प्राचार्य ने खंड शिक्षाधिकारियों को बताया जिम्मेदार

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । शासन द्वारा जनपद के परिषदीय विद्यालयों के शत प्रतिशत शिक्षकों को निष्ठा प्रशिक्षण दिलाने के लिये करोड़ों रुपये का बजट आवंटित हुआ जिसमें शिक्षकों को नाश्ता से लेकर भोजन, प्रोजेक्टरों की खरीद सहित अन्य मदों में व्यय किया जाना है। लेकिन इस मामले में हैरानी की बात तो यह है कि जब जिम्मेदारों से निष्ठा प्रशिक्षण के नाम पर बजट के बारे मंे जानकारी चाही तो उनकी घिघ्घी बंध गयी। बार-बार पूंछने पर भी उन्होंने कुछ नहीं बताया। ऐसा ही हाल खंड शिक्षाधिकारियों का रहा। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि करोड़ों के बजट पर सवालिल्लों की नजर टेढ़ी हो गयी।
प्रशिक्षण में दिये जाने वाले नाश्ता का मीनू।
निष्ठा प्रशिक्षण के नाम पर शासन द्वारा लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये का बजट आया था ऐसी सूत्रों से जानकारी मिली है। लेकिन जब इस संबंध में प्रभारी डायट प्राचार्य भगवत पटेल से बजट के बारे में उनके मोबाइल नंबर पर जानकारी चाही तो उन्होंने बार-बार अनुरोध करने के बाद भी इस संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। जब उनसे पुनः अनुरोध किया तो उनकी घिघ्घी बंध गयी और उन्होंने इस मामले में खंड शिक्षाधिकारियों को मोहरा बना दिया। तो कुठौंद विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी महेश शर्मा से दूरभाष पर जब निष्ठा प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली तो वह भी धनराशि बताने के नाम पर मौन साधना में चले गये। कुठौंद विकासखंड के लगभग पांच सैकड़ा से अधिक शिक्षकों का प्रशिक्षण बांके बिहारी डिग्री कालेज हरसिंगपुर में चल रहा है। जहां पहले सत्र के प्रशिक्षण में अंतिम दिन तक प्रोजेक्टर नहीं आ पाये थे तो प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को नाश्ता व भोजन भी मीनू के अनुसार नहीं दिया गया। तो जेनरेटर व फोटो काॅपी मशीन खरीद में भी बड़े स्तर पर गोलमाल की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

प्रोजेक्टरों की खरीद में भी बड़े घोटाले की संभावना

उरई। जिले के लगभग छह हजार परिषदीय शिक्षकों को निष्ठा प्रशिक्षण में प्रोजेक्टरों की खरीद की जानी थी लेकिन आधे से ज्यादा शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका लेकिन ज्यादातर विकासखंडों में प्रोजेक्टरों को लगाया ही नहीं गया। फिर निष्ठा प्रशिक्षण के क्या मायने निकलकर सामने आयेगा। इस कड़वी सच्चाई से शिक्षकों से ज्यादा किसी को भी पता नहीं हो सकता।

तीन विकासखंडों के संदर्भदाता बदले गये

उरई। शिक्षकों के निष्ठा प्रशिक्षण के नाम पर जो गोलमाल जिले में चल रहा है उसमें रातों रात तीन विकासखंडों के संदर्भदाता बदल दिये गये। जिन विकासखंडों के संदर्भदाता बदले गये उनमें कोंच के संदर्भदाता को जालौन, जालौन के संदर्भदाता को माधौगढ़ व माधौगढ़ के संदर्भदाता को कोंच भेजा गया है।

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