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भागवत कथा सुनने से मनुष्य का बनता है इहलोक व परलोक

हमीरपुर, महेश अवस्थी । शतचंडी महायज्ञ के चलते गहरौली मंे ज्ञानभक्ति वैराग्य की त्रिवेणी बह रही है। वैदिक मंत्रोचार से वातावरण मंे धार्मिकता का माहौल बना हुआ है। यज्ञाचार्य राहुल महाराज के नेतृत्व में चल रह शतचंडी महायज्ञ में विद्धानो ने वेदमंत्रो से यज्ञवेदी मंे आहूतियां दिलायीं। पूरन रामप्रकाश दीक्षित महाविद्यालय प्रांगण मंे भागवत कथामृत का पान कराते हुए वृन्दावन धाम के पुरूषोत्तम शरण शास्त्री ने कहा
श्रोताओं को कथा सुनाते शास्त्री
कि भागवत महापुराण वेद शास्त्रो का सार है। जिसके सुनने मात्र से प्राणी मात्र का लोक और परलोक दोनो की सार्थक होते है। अहंकार मनुष्य का जीता जागता शत्रु है। जिसका पतन सुनिश्चित है। परमात्मा से बिमुख होने पर प्राणी मात्र को सांसारिक दुष्प्रवृत्तियां घेरती है। कथा व्यास ने कंस वध, रूकमणि विवाह को भक्ति संगीत की स्वर लहरियों में भागवत भक्त श्रोता झूमने को मजबूर हुए। भागवत महापुराण की आरती माया दीक्षित सदस्य जिला पंचायत व सत्यदेव दीक्षित ने उतारी। आयोजन संजय दीक्षित पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत ने बताया कि महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भंडारा 6 फरवरी को होगा। 

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