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महाशिवरात्रि पर शिव दर्शन को श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

बामदेवेश्वर पर्वत में शुक्रवार भोर से ही लगी श्रद्धालुओं की लंबी लाइन 
हर-हर-बम-बम के उद्घोष से गूंज उठा बामदेवेश्वर पर्वत 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । यूपी-एमपी समेत लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र बामदेवेश्वर पर्वत शुक्रवार की भोर से ही महाशविरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं से ठसाठस भरा नजर आया। रह-रहकर भगवान भोलेनाथ का गगनभेदी जयघोष बामदेवश्वर को गुजायमान करता रहा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर श्रद्धा के अनुसार जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक किया और पूजन-अर्चन किया। स्वयंसेवकों ने कड़ी मेहनत करते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाले रखा। देर रात तक शिव पूजा का सिलसिला चलता रहा। 
बामदेवेश्वर पर्वत में विराजमान भोलेनाथ के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। भोर होते ही बामदेश्ेवर शिव मंदिर की ओर श्रद्धालुओं की भीड़ चल पड़ी। मंदिर में गुफा के अंदर जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया गया। शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के प्रिय फल धतूरा, बेलपत्र आदि अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया। सुबह से महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ती ही चली गई। शाम होते-होते महिलाओं की संख्या में तो काफी कमी आई लेकिन पुरुषों की संख्या में लगातार इजाफा होता चला गया। शिवमंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच जाने से शिव की गुफा तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को तकरीबन तीन घंटे तक लाइन में लगा रहना पड़ा। मंदिर कमेटी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए बेहतर इंतजाम किए थे।
शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करते श्रद्धालु
मंदिर के नीचे से लेकर ऊपर तक बैरीकेटिंग का इंतजाम किया गया था। पूरी सीढ़ियों में जगह-जगह दो-दो कार्यकर्ताओं को लगाया गया था, ताकि शिव की गुफा तक पहुंचने में महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेटिग के जरिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग रास्ता बनाया था। ताकि किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की न हो सके। इसके अलावा शहर के काली देवी मंदिर, संकट मोचन मंदिर, महेश्वरी देवी मंदिर, पंचानन मंदिर समेत सभी देवी और शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। शिवरात्रि के पर्व के दौरान शहर के सभी मंदिरों में शिव कीर्तन का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही प्रसाद का भी वितरण किया गया। देर रात तक शिव मंदिर में पूजा-अर्चन का सिलसिला चलता रहा। 

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