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जिले में मानकों के विपरीत संचालित हो रहे अधिकांश मैरिज हाल

जिम्मेदार विभाग नकेल कसने में नाकाम
पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं न होने से बारातियों को उठानी पड़ती दिक्कत
जाम को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध हो रहे मैरिज हाल आने वाले वाहन 

फतेहपुर, शमशाद खान । बारातियों को अच्छी से अच्छी सुविधाओं का दंभ भरने वाले जिले में अधिकतर संचालित होने वाले मैरिज हाल मानकों की खुल्लेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। मोटी रकम लेकर संचालक तो माला-माल हो रहे हैं लेकिन सुविधाओं का बेहद टोटा है। पार्किंग, सुरक्षा, व अग्निशमन जैसी सुविधाएं तो मानों इनके लिए कागजों तक ही सीमित रह गयी है। पार्किंग न होने की वजह से बारात मे आने वाले वाहनों सड़कों पर खड़े रहते हैं। जिससे जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हालाकि तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने इस पर नकेल कसने की मुहिम शुरू की थी। लेकिन मुहिम पटरी पर आने से पहले ही उनका गैर जनपद तबादला हो गया है। जिससे ऐसे मैरिज हाल संचालकों की बल्ले-बल्ले हो गयी और बेखौफ होकर छोटे-छोटे भवनों में मैरिज हाल संचालित हो रहे हैं। 
शहर में संचालित होने वाले मैरिज हाल का दृश्य।
बताते चलें कि मैरिज हाल संचालन के लिए एनबीसी द्वारा मानक निर्धारित किये गये हैं। जिसके तहत खुले में बिल्डिंग के साथ-साथ चारों ओर से गैलरी नुमा रास्ता, बिल्डिंग के अलावा मैदान व पार्किंग की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इतना ही नहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अग्निशमन यंत्रों से बिल्डिंग लैस होनी चाहिए। गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात होने चाहिए। लेकिन इन नियमों का जिले में संचालित होने वाले अधिकतर मैरिज हाल पालन करते नहीं दिखाई दे रहे हैं। सदर के अलावा खागा व बिन्दकी तहसील में भी संचालित होने वाले अधिकतर मैरिज हाल मानकों के विपरीत हैं। छोटी-छोटी बिल्डिंगों में मैरिज हाल का बोर्ड टांग कर खुलेआम मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए संचालित होने वाले इन मैरिज हालों पर जिम्मेदार विभाग नकेल कसने का काम नहीं कर रहा है। जिससे इनके संचालकों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। मोटी रकम ऐंठकर अपनी जेबे तो भर रहे हैं लेकिन सुरक्षा व पार्किंग जैसी सुविधाएं न के बराबर हैं। बताते चलें कि शहर क्षेत्र के जीटी रोड, वीआईपी-ताम्बेश्वर रोड, आईटीआई रोड, शादीपुर समेत अनेक स्थानों पर कई ऐसे मैरिज हाल संचालित हैं जिनके पास न तो मानक के तहत बिल्डिंग है और न ही पार्किंग। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें लाइसेंस मुहैया कराया गया है। पार्किंग न होने से बारात में आने वाले वाहन सड़कों पर ही खड़े कर दिये जाते हैं। जिसके चलते जाम की स्थिति हर समय बनी रहती है। जाम में फंसे वाहन वाहन संचालक ऐसे मैरिज हाल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते चले आ रहे हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस बाबत कई लोगों से जब बात की गयी तो सभी का कहना रहा कि यदि जिले में संचालित होने वाले मैरिज हालों की जांच करायी जाये तो अस्सी प्रतिशत मैरिज हाल बंद होने की कगार पर आ जायेंगे। विभाग को जल्द ही ऐसे मैरिज हालों पर कार्रवाई करके लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। 

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