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नहर में पानी न आने से दो दर्जन गांवों की फसलों पर संकट

नहर कोठी कुठौंद शाखा में उड़ रही धूल

कुठौंद (जालौन), अजय मिश्रा । रबी की फसल में प्रमुखता से गेहूं की बुवाई ज्यादा की जाती है, आम तौर पर नहर कुठौंद शाखा पर लगभग सभी किसान गेहूं की फसल लगा रखी है अपने अपने खेतों पर जिसमें पलेवा के बाद एक भी पानी नहर से लगाने को नहीं मिला। भगवान भरोसे हुई बारिश से अभी तक किसान के गेंहू हरे दिख रहे, उसमें भी अगर एक सप्ताह में नहर से पानी नहीं मिलता है तो किसान की फसल सूखने लगेगी, जिसके बाद किसान भुखमरी की कगार में पहुंचे जाएग।
सूखी पड़ी माइनर।
समाजसेवी लवकेश सिंह, अखिलेश प्रजापति, रवि तिवारी आदि ने लोगों ने नहर की हकीकत को देखा तो नाम मात्र के बहादुरपुर से हरसिंगपुर रजबाहा में पानी चल रहा है। वहीं मौजूद बेलदार प्रेमशाह दोहरे ने बताया कि पानी नहर में ऊपर से नहीं आ रहा है। जबकि नहर कोठी कुठौंद शाखा के अन्तर्गत जालौन खुर्द, शेखपुर अहीर, कुरौली, सिलुआवा जागीर, बरिकापुरवा, नकेलपुरा, मुरलीपुर, कोटा मुस्टकिल, मोतीपुर, बावली, निजामपुर, कुठीला, हाजीपुर, जमालीपुर, परिन तिरवली, इंगुर्री, मिहैना, कुठौंद, आल विजवाह आदि गांवों के हजारों किसान की फसल नहर के पानी पर ही निर्भर है। इस रबी की फसल में इन गावों के किसानों को पलेवा के बाद से नहर में पानी नहीं दिखा है वहीं किसान जब अपने खेतों तरफ देखता है तो भगवान को ध्यान करते है कि जुलाई अगस्त में इतनी बारिश होने के बाबजूद भी सरकार की तरफ से समय नहर में भरपूर पानी नहीं दिया जा रहा है। वहीं किसानों ने अपनी मंशा भी साफ कर दी है अगर पानी नहीं मिलता है हमको समय पर तो समस्त किसान एकत्रित होकर रोडांे को जाम करने को मजबूर हो जायेंगे।

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