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अब वैक्सीन का होगा बेहतर रख-रखाव

वैक्सीन एवं कोल्ड चेन हैंडलर्स को दिया गया प्रशिक्षण 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । जनपद में चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बुधवार को स्थानीय होटल में दो दिवसीय कार्यशाला का की शुरुआत हुई, जिसमें वैक्सीन एवं कोल्ड चेन हैण्डलर्स (इम्यूनाइजेशन ऑफिसर) को वैक्सीन के भंडारण एवं परिवहन से संबन्धित कड़ियों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य टीकाकरण के दौरान विभिन्न दवाओं के रख-रखाव के तरीके के बारे में प्रतिरक्षण अधिकारियों का कौशलवर्धन करना था। 
कार्यशाला में संबोधित करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा ने कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए बताया कि वैक्सीन का भंडारण और रख-रखाव टीकाकरण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण अंग है। यदि इसपर ध्यान न दिया जाए तो कई महँगी और दुर्लभ दवाइयाँ खराब हो सकती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान बताई गई बातों का ध्यान से पालन करें जिससे टीकाकरण का पूरा फायदा मिल सके। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. बी पी वर्मा ने बताया कि वर्ष 1978 से शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सरकार कई गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके मुफ्त उपलब्ध करा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक कई नए टीकों को भी इसमें शामिल किया गया है जिसके कारण हर साल लाखों बच्चों की जान बचाकर बाल मृयु दर को कम करने में काफी हद तक सफलता भी मिली है। वैक्सीन का सही लाभ लाभार्थी को मिल सके, इसके लिए इनके भंडारण और रख-रखाव से सम्बंधित विशेष प्रोटोकॉल भी निर्धारित किये गए हैं। यूएनडीपी के क्षेत्रीय कार्यक्रम अधिकारी अरशद बेग ने बताया कि वैक्सीन के बनने से लेकर लाभार्थी तक पहुँचने तक उसे एक लम्बा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में तापमान और रौशनी के प्रभाव से कई वैक्सीन अपनी क्षमता खो देती हैं। इसीलिए कोल्ड चेन प्रबंधन के तहत हर जिले में कोल्ड चेन स्टोर बनाए गए हैं। वहीं सप्लाई चेन के तहत यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा, सही समय, सही स्थान, सही तापमान पर ही सही लाभार्थी तक पहुंचे। 
कार्यशाला में आरआई एआरओ राधा शर्मा, यूनिसेफ के जिला मोबिलाइजेशन समन्वयक फुजैल ए सिद्दिकी, जिला वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर डा. अंजना पटेल, डाटा असिस्टेंट आरआई अरविन्द कुमार वर्मा आदि शामिल रहे।  
जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और सस्ता तरीका है नियमित टीकाकरण दृ जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. बीपी वर्मा बताते हैं कि भारत में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम विश्व के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक है। नियमित टीकाकरण बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचने का सबसे सरल एवं सस्ता तरीका है। इसके तहत 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव होता है जिनमें टीबी, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, गलघोटू, काली  खांसी , टिटेनस. हिमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप दृबी, निमोनिया, डायरिया (रोटावाइरस), खसरा, रुबेला एवं जापानी इन्सेफ्लाइटिस बीमारियाँ शामिल हैं। नियमित टीकाकरण के अंतर्गत कुछ नए वैक्सीन भी शामिल किये गए हैं जिनमें मुख्य रूप से रोटावायरस, रुबेला और पीसीवी शामिल हैं।

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