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राजकीय हाथ कागज उत्पादन केंद्र कालपी में उत्पादन कार्य प्रारंभ

25 वर्षों से बंद पड़ा कागज उत्पादन केंद्र के आए अच्छे दिन
हाथ कागज उद्यमियांे ने मुख्यमंत्री के निर्णय को सराहा

कालपी (जालौन), अजय मिश्रा । उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्यी बोर्ड विभाग द्वारा स्थापित राजकीय हाथ कागज उत्पादन केंद्र कालपी का आज शुभारंभ होने से हाथ कागज उद्योग के विकास में दूरगामी सहयोग मिलने की संभावनाओं से कालपी के हाथ कागज उद्योग जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ज्ञातव्य हो कि तत्कालीन सरकारों की उपेक्षा के कारण यह कागज उत्पादन केंद्र सन 1995 से बंद था।  मशीनें जर्जर हो गई थी करोड़ों रुपए की लागत का भवन टूटने की कगार पर था लेकिन वर्तमान योगी सरकार के उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति के तहत 25 वर्षों से बंद पड़ा उक्त हाथ कागज केंद्र को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इस बंद पड़े केंद्र को पुनर्जीवन देने हेतु उत्तर प्रदेश खादी बोर्ड के सहायक निदेशक उद्योग मनोज कुमार दिवाकर को जिम्मेदारी दी गई दिवाकर जी ने कठोर परिश्रम करके पुरानी मशीनों को मरम्मत करवाकर तथा जरुरत मंद साधन जुटाए जो उद्योग चलाने हेतु आवश्यक हैं परिणाम स्वरूप इमानदारी से की
फैक्ट्री में निर्मित हाथ कागज देखते व्यापारी।
गई मेहनत रंग लाई और बहुप्रतीक्षित कागज सेंटर हाथ कागज का उत्पादन पुनः करने लगा। इस सेंटर के शुभारंभ अवसर पर उत्तर प्रदेश हाथ कागज निर्माता संघ के अध्यक्ष पंडित नरेंद्र कुमार तिवारी ने सभी मशीनों का अवलोकन करने के बाद कहा यह कागज सेंटर पुनः प्रारंभ होना असंभव कार्य था शहर वासियों ने सभी उम्मीदें छोड़ दी थी लेकिन कालपी क्षेत्र के जनप्रिय विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन का प्रयास कारगिर साबित हुआ जिसकी सराहना की जानी चाहिए कागज सेंटर पुनः चालू होने में विधायक का बहुत योगदान है श्री तिवारी ने राजकीय हाथ कागज उत्पादन केंद्र को पुनः प्रारंभ करने में विशेष योगदान मनोज कुमार दिवाकर का योगदान कालपी के इतिहास में हमेशा याद रहेगा क्योंकि यह कठिन कार्य ऐसे कर्मठ अधिकारियों के बल पर ही संभव था इस शुभ अवसर पर मंडली प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य शिशुपाल गोयल तथा मंडली लेखाधिकारी झांसी दिनेश चंद एवं सहायक विकास अधिकारी गोरेलाल ने भी अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम लोग कागज सेंटर को ऊंचाइयों तक पहुंचाने का हर संभव सहयोग देंगे। आपको बताते चलें कि जब से उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ कागज उद्योग को ओडीओपी में शामिल किया है तब से हाथ कागज के विकास की धारा पुनः चलने लगी है उसी का फल है कि 25 वर्षों से बंद पड़ा कागज सेंटर आज पुनः प्रारंभ हो गया है परिणाम स्वरूप इस बड़े सेंटर में दर्जनों श्रमिकों को रोजगार मिलेगा तथा उत्तर प्रदेश शासन का पूरा ध्यान हाथ कागज उद्योग से बने कागज की बिक्री पर भी रहेगा। इस शुभ अवसर पर सभी मशीनों पर फूलमाला चढ़ाकर उनका पूजन किया गया तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण करके उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

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