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नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर चलना टेढ़ी खीर

ब्रिज निर्माण व डायवर्जन के कारण जगह-जगह लग रहा जाम 
कानपुर, प्रयागराज समेत अन्य स्थानों पर समय से पहुंचना हुआ कठिन

फतेहपुर, शमशाद खान । कानपुर-प्रयागराज हाईवे-2 का चैड़ीकरण कार्य अब लोगों के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। छह लेन निर्माण कार्य के चलते कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर चलना टेढ़ी खीर हो गयी है। जगह-जगह हो रहे ब्रिज निर्माण एवं डायवर्जन के चलते जगह-जगह जाम लगना आम बात हो गयी है। कानपुर-प्रयागराज समेत अन्य शहरों की यात्रा अब बेहद कठिन होती जा रही है। निर्माण कार्य के चलते मार्ग दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो गया है। जिसका प्रमुख कारण है कि कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ा जा रही हैं।
बताते चलें कि कानपुर-प्रयागराज हाईवे-2 का चैड़ीकरण करके छह लेन किया जा रहा है। यह कार्य काफी समय पहले से शुरू करा दिया गया था। लेकिन अब तक ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही थी। जैसे-जैसे कार्य में तेजी आ रही है वैसे-वैसे निर्माण कार्य अब वाहन चालको के लिए सिरदर्द बन गया है। जिले की बात की जाये तो यहां से कानपुर-प्रयागराज जाना अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। कानपुर रूट पर नऊवाबाग, अल्लीपुर, सौंरा, मलवां, मुरादीपुर, चैडगरा, औंग समेत अन्य छोटे-छोटे प्वाइंटों पर छह लेन निर्माण के कारण ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य अब बेहद तीव्र गति से चल रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य में
हाईवे पर लगे जाम का दृश्य।
मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डायवर्जन के साथ-साथ रेडियम का इस्तेमाल न करने के चलते वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह सफर रात्रि में बेहद खतरनाक होता है। डायवर्जन के दौरान दो लेन बंद करके दो लेन से ही वाहनों का आवागमन कराया जा रहा है। यदि संचालित लेन पर कोई वाहन बिगड़ गया या मार्ग दुर्घटना हो गयी तो रूट बाधित हो जाता है। जिससे वाहनों का संचालन पूरी तरह से ठप्प हो जाता है। यही हाल जिले से प्रयागराज की ओर जाने वाले हाईवे का भी है। इस पर भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। आलम यह है कि प्रतिदिन वाहन सवारों को घण्टों जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। कानपुर-प्रयागराज समेत अन्य स्थानों पर अब समय से पहुंचना बेहद कठित हो गया है। कानपुर जाने का सफर अब दो घण्टे के बजाये तीन से चार घण्टे का हो गया है। इसी तरह प्रयागराज का सफर तीन घण्टे के बजाये चार से पांच घण्टे का हो गया है। जिसके कारण वाहन सवार अपने गन्तव्य में समय से नही पहुंच पा रहे हैं। इस बाबत कई वाहन चालकों ने बताया कि निर्माण कार्य में कार्यदायी संस्था घोर लापरवाही कर रही है। जगह-जगह किये गये डायवर्जन से सबसे अधिक दिक्कत आ रही है। वाहनों को रेंगते हुए अपने गन्तव्य की ओर जाना पड़ रहा है। यदि कोई वाहन खराब हो गया या मार्ग दुर्घटना हो गयी तो ऐसी स्थिति में आवागमन बाधित हो जाता है। जब तक क्षतिग्रस्त वाहन को मार्ग से हटाया नहीं जाता तब तक यातायात बहाल नहीं हो पाता है। वाहन चालकों ने मांग किया कि कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य में तेजी आये और मानकों के अनुसार ही कार्य कराया जाये। जिससे यातायात सुचारू रूप से चल सके। 

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