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रामायण मेला महोत्सव की तैयारियां पूर्ण: राजेश

प्रांतीयकृत होने से इस बार होगा खास आयोजन, पांच दिनों तक राममय रहेगी धर्मनगरी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । भगवान श्रीराम की लीलाभूमि ऐतिहासिक चित्रकूट की धरती में रामायण मेला का 47वां समारोह 21 फरवरी से सीतापुर स्थित प्रेक्षागृह में हेोगा। पांच दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न अंचलों से प्रख्यात विद्वान, रामायणी, धर्माचार्य, सांस्कृतिक सत्पुरुष एवं कलाकार शिरकत करेंगें। मेले में रामकथा को केन्द्र बना कर विचार सम्प्रेषण् के विविध माध्यमों से राष्ट्रीय एकता, मानवीय मूल्यों, एकात्मकता आदि महान उद्देश्यों की सम्प्राप्ति का समवेत प्रयास किया जाएगा। विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध रामायणों के मर्मज्ञ विद्वान तुलानात्मक व्याख्यान देंगें। इसके अलावा प्रवचन, नृत्य, संगीत, अभिनय, रामलीला, रासलीला आदि का बोधात्मक एवं रसात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत होते हैं। 

शुक्रवार को रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया एवं महामंत्री करुणाशंकर द्विवेदी ने पत्रकारों से रूबरू होकर बताया कि आयोजन की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। मेला परिसर सज गया है। अतिथियों के आवास, भोजन, परिभ्रमण की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। विगत वर्षों की तुलना में इस बार मेला आकर्षक होगा। साउण्ड व प्रकाश आयोजन की शोभा बढ़ाएगें। बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रांतीयकृत रामायण मेला किया है। जिसका बेहतर असर समारोह में दिखाई देगा। बताया कि जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने मेले को रुचिकर बनाने के भरपूर प्रयास में जुटे हैं। बीते दिनों डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें प्रदर्शनी, स्टाल लगाने सहित विद्युत, सफाई, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, सुरक्षा आदि विषयों पर अधिकारियों को निर्देशित किया है। नगर पालिका की ओर से बेडीपुलिया से लेकर जयपुरिया तिराहे तक विद्युत सजावट एवं स्वागत द्वारा लगाए जाएगें। मेले में मनोहारी प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। देश के सभी भागों में जिनके लोकगीतों का डंका बजता है ऐसी प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी 25 फरवरी को कार्यक्रम में समां बांधेंगी। इसी दिन वृंदावन रासलीला संस्थान के फूलों की होली के साथ महोत्सव संपन्न होगा। लखनऊ की बाल कलाकार जिन्होंने शास्त्रीय नृत्य की विशेष छाप विखेरी है पर्णिता श्रीवास्तव 21 फरवरी को रामकथा पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियां देगी। 22 फरवरी को प्रिया रघुवंशी लखनऊ का समूह नृत्य और केया चंदा कोलकाता की नृत्य वाटिका प्रस्तुत करेंगी। 23 फरवरी को रिवाइवल गु्रप आफ इण्डिया नई दिल्ली द्वारा ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से संपूर्ण रामायण का मंचन होगा। 24 फरवरी को शास्त्रीय केन्द्र गुवाहटी राम विजय नृत्य नाटक दिखाया जाएगा। आकाशवाणी प्रयागराज के लोक संगीत संध्या एवं लोक नाट्य नौटंकी का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा प्रातः नौ बजे से रामलीला और सायं नौ बजे से रासलीला का वृंदावन रासलीला संस्थान मंचन करेगी। ग्रामोदय विवि के पूर्व आचार्य लल्लूराम शुक्ल, जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विवि में संगीत विभाग के आचार्य विशेष नारायण मिश्र, रामाधीन आर्य मऊ रानीपुर, रघुवीर सिंह यादव झांसी, दिनेश सोनी सकरार आदि प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद मिलेगा। समारोह को व्यवस्थित रूप से संचालित कराने के लिए समितियां बनाई गई हैं। समिति में राजाबाबू पाण्डेय, शिवमंगल प्रसाद शास्त्री, मो यूसुफ, मो इम्त्यिाज, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, माधव बंसल, लालू दुबे, पंकज अग्रवाल, आशीष पाण्डेय, बिहारी बाबू, नत्थू प्रसाद सोनकर, दद्दू महाराज, मुन्ने खां, बबली कुशवाहा, भोलाराम, मनोज मोहन गर्ग, कलीमुद्दीन बेग, घनश्याम अवस्थी अपनी सेवाएं देंगें।


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