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बगैर प्रोजेक्टर के कराया जा रहा शिक्षकों का निष्ठा प्रशिक्षण

बीआरसी को मिले लाखों, लेकिन खर्चे के नाम पर मुट्ठी बंद
विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । एक ओर जहां केंद्र व प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट आवंटित कर रही है तो वहीं विभाग के जिम्मेदारों की मिलने वाले बजट पर गिद्ध दृष्टि लगी रहती है। यही कारण है कि जनपद के छह विकासखंडों में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षणों को बगैर प्रोजेक्टर की खरीद किये ही संपन्न कराये जा रहे है। हैरानी की बात तो यह है कि जब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया जाता है तो वह भी मौनी बाबा बनने का ढोंग करने से नहीं चूकते हैं।
कुठौंद में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण में मंच पर जिम्मेदार।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के एकीकृत सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम निष्ठा के नाम पर जिले की प्रत्येक बीआरसी को लाखों का बजट ट्रेनिंग के नाम पर भेजा गया था। लेकिन इस मामले में जिम्मेदारों ने हद दरजे की लापरवाही बरतते हुये आवंटित बजट से अब तक न तो प्रोजेक्टरों की खरीद की और न ही जेनरेटर, सीसीटीवी, कैमरा व अन्य सामान की खरीदारी की। मड़ोरा बीआरसी केंद्र पर कराये जा रहे निष्ठा प्रशिक्षण के लिये जिम्मेदारों ने जूनियर विद्यालय से एक प्रोजेक्टर उठाकर लगा दिया वह भी चल नहीं रहा है। ऐसा ही हाल कुठौंद विकासखंड के शिक्षकों का प्रशिक्षण हरसिंगपुर महाविद्यालय में चल रहा है वहां पर भी बगैर प्रोजेक्टर के ही अनेकों शिक्षकों को प्रशिक्षण कराया जा चुका है। ताज्जुब की बात तो यह है कि जब शिक्षकों को प्रोजेक्टरों से प्रशिक्षण ही नहीं दिया जा रहा है तो उनके प्रशिक्षण का क्या मायने निकलकर सामने आयेगा। इस सच्चाई से विभाग के जिम्मेदार कर्णधार अनजान नहीं हैं लेकिन खुद की गर्दन फंसी देखकर वह मौनी बाबा बनने का ढोंग करने से नहीं चूक रहे है। इतना ही नहीं डकोर, कोंच, जालौन, कुठौंद, माधौगढ़, कदौरा विकासखंड के शिक्षकों का निष्ठा प्रशिक्षण चल रहा है जबकि नदीगांव, रामपुरा व महेबा विकासखंड में उक्त प्रशिक्षण की अभी तक शुरूआत नहीं हो पायी है। इस मामले में हैरानी की बात तो यह है कि निष्ठा प्रशिक्षण में ऐसे संदर्भदाताओं का चयन किया गया था जिनकी निष्ठा विद्यालयों में न होकर महज विभाग के प्रति ज्यादा है। इतना ही नहीं आनन फानन में जिन विकासखंडों में शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है वहां पर भी अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिल रहा है।

खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों में आक्रोश
उरई। शिक्षकों के निष्ठा प्रशिक्षण में मीनू के अनुसार खाना न बनाये जाने व नाश्ता के नाम पर भी औपचारिकतायें पूरी करने के मामले में भी शिक्षकों में उबाल देखा जा रहा है।

विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी भेंट चढ़ा निष्ठा प्रशिक्षण
उरई। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष महेंद्र भाटिया ने कहा कि जब निष्ठा प्रशिक्षण के नाम पर हर बीआरसी को लाखों रुपये का बजट आवंटित किया गया तो फिर जिम्मेदार अधिकारी अपनी मनमाने पूर्ण तरीके से प्रशिक्षण को क्यों अंजाम तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत राज्य परियोजना निदेशक से कर प्रशिक्षण के नाम पर जो गोलमाल किया जा रहा है उसकी जांच कराने का अनुरोध करेंगे।

प्रोजेक्टर, जेनरेटर, सीसीटीवी कैमरे की कब होगी खरीद
उरई। लाखों रुपयों के बजट से शिक्षकों का निष्ठा प्रशिक्षण अब विवादों के घिरता नजर आ रहा है। एक ओर जहां जिम्मेदारों ने अभी तक प्रोजेक्टर, जेनरेटर, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, कुर्सी, मेज, बीआरसी हाल की रंगाई पुताई व अन्य आवश्यक सामानों की खरीद नहीं की है और आधे से ज्यादा शिक्षकों को निष्ठा प्रशिक्षण करा दिया। सवाल यह उठता है कि जब बगैर प्रोजेक्टर खरीदे ही प्रशिक्षण संपन्न कराया जा रहा है तो फिर अब उसकी खरीद का क्या सदुपयोग होगा।

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