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दिल्ली के साइन बाग मेंशक्ति क्यों नहीं ?,........... देवेश प्रताप सिंह राठौर (वरिष्ठ पत्रकार)

........ दिल्ली के साइन बाग में जिस तरह से लगभग दो महीने से जो धरना प्रदर्शन चल रहा है महिलाओं द्वारा यह वास्तव में देश के कानून पर एक धब्बा है क्योंकि जिस तरह से साइंन बाग में जो चल रहा है उस पर कानून द्वारा अभी तक क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है । दो महीने से अधिक हो गए हैं दिल्ली के चुनाव भी हो गए अब रोड जाम क्यों नहीं खुल रहा है अभी तक तो राजनीति चल रही थी चुनाव है इसलिए बंद है लोगों द्वारा तर्क कुतर्क हो रहे थे। इन सबके बीच एक बात अवश्य आऊंगा आज साहि न बाग में जो हुआ महिलाओं द्वारा जो धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है वह वास्तव में कानून की शिथिलता का प्रणाम है क्यों नहीं महिला सुरक्षा कर्मियों को भेजकर इन पर क्यों नहीं कार्रवाई कर रही हो मैं सरकार से कहना चाहता हूं जिस तरह उत्तर प्रदेश में माननीय योगी जी ने जिस तरह शक्ति से दंगाइयों के सामने पेश आए उसी तरह अन्य राज्यों में भी उत्तर प्रदेश की तरह एक मिसाल के तौर पर कार्य करने की जरूरत है उत्तर प्रदेश सरकार ने जो लोग दंगा की है जिन्होंने सरकारी संपत्तियों को छत पहुंचाया उन्हें मुआवजा उन्हीं के द्वारा वसूली की गई तथा कानून के दायरे में में सजा का प्रावधान रखा एक अच्छी सोच न्याय प्रिय भावना के साथ योगी जी ने उत्तर प्रदेश में जो कार्य किया है उसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। शाहीन बाग में जिस तरह से 2 महीने से दिल्ली के लोग साइन बाग के आसपास रहने वाले परेशान है उन्हें सरकार के पास सारी व्यवस्था होने के बावजूद भी साइन बाग में सरकार सरेंडर है क्यों जब आपको मालूम है यह वोटर आपका सपोर्टर नहीं है फिर भी आप हर पहलू पर हमने आप यह कार्य करते हुए और कानून के दायरे में सरकार कार्य कर रही है परम सरकार से हमारा कहना है शाहीन बाग में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं को धरना प्रदर्शन से हटाने का कार्य शीघ्रकरने की जरूरत है नहीं जिस तरह से कार साइन बाग में हुआ है इससे देश में बहुत शाहिनबाग तैयार हो गए अगर शीघ्र ही इस पर कानूनी कार्रवाई करते हुए ने दंडित नहीं किया गया दो देश के बहुत से से साइन बाग बनने को तैयार बैठे हैं सरकार का काम है इस पर कार्रवाई करें और वहां के रहने वाले लोगों को 2 महीने से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं उन्हें न्याय के साथ एक संदेश प्राप्त हो शाहीन बाग में जो हो रहा है और बिल्कुल राजनीत के छत्रछाया के कैंप के नीचे एक सोची-समझी चाल विपक्ष में किसी पार्टी की जरूर है इस पर सरकार महिला सुरक्षा कर्मियों को भेजकर इन्हें दंगाइयों को रोड जाम करने वाली महिलाओं को भगाने का कार्य करें तभी सहीन वाघ  का मसला हल होगा। हमारे सर्वे के मुताबिक आज भारत में नरेंद्र मोदी और योगी के अल्पसंख्यकों में मेरा मानना है शत प्रतिशत वोट नहीं है मुझे पूरा विश्वास है यह लो चाहे जितना विश्वास में लें लेकिन इनका वोट एक भी नहीं मिलेगा चाय साईं बाग जैसे सैकड़ों साईं बाग में द सरकार का चुप रहना देश समझ नहीं पा रहा है जो उनके ही नहीं उनको मनाने में 2 महीने कैसे लग रहे हैं और अभी तक पुलिस को क्यों नहीं भेजा गया जो इन्हें खदेड़ने का काम करें। आज पूरा भारत जानकारी चाहता है साइन बाग रोड को जनता को जाम से निजात कब मिलेगी।

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