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बुन्देलखण्ड में मधुमक्खी पालन की शुरूआत

हमीरपुर, महेश अवस्थी । जिला उद्यान अधिकारी उमेश चन्द्र उत्तम ने बताया कि बुन्देलखण्ड में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं को देखते हुए पहली बार उद्यान विभाग ने एकीकृत बागवानी मिशन योजना में मधुमक्खी पालन कार्यक्रम की शुरूआत वर्ष 2019-20 में की जिसके तहत पांच मधुमक्खी पालन इकाई का लक्ष्य मिला। राठ विकासखण्ड में चार और गोहाण्ड विकासखण्ड में एक लाभार्थी को पचास मौनबाक्स देकर शुरूआत की
जिलाधिकारी को शहद भेट करता किसान साथ मे उद्यान अधिकारी
गयी। रघुवीर सिंह चिल्ली गोहाण्ड ने उत्पादित शहद जिला उद्यान अधिकारी उमेशचन्द्र उत्तम, केवीके के वैज्ञानिक डा. चंचल सिंह किसान बलराम दादी की उपस्थिति में जिलाधिकारी को भेंट किया। जिलाधिकारी ने शहद उत्पादन को और बढाने और इसकी मार्केटिंग सुनिश्चित कराने के लिए उद्यान अधिकारी से कहा। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मधुमक्खी पालन करने वाले किसानो को एफपीओ गठित कर ब्रांडिग कर शहद उचित रेट पर विक्रय कराया जायेगा। पचास मौनबाक्स की कीमत 2.20 लाख होती है। इसमें एकीकृत बागवानी मिशन योजना में 40 फीसदी (88 हजार रूपया) लाभार्थी किसान को दिया जाता है। एक मौन बाक्स से एक साल में 25 से 30 किलो शहद मिलता है। जिसका न्यूनतम बाजार मूल्य दो सौ रूपया प्रतिकिलो ग्राम है। इस प्रकार प्रति 50 मौनबाक्स से किसान को तीन लाख रूपया सालाना की आमदनी होती है। मौनबाक्स पर लागत एक बार किसान को लगती है। मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण उद्यान विभाग खुद देता है। 

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