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कार्यशाला में स्वस्थ रहने के दिए गए टिप्स

पीजी कालेज में आयोजित 10 दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का हुआ समापन 

अतर्रा, कृपाशंकर दुबे । पीजी कालेज में सिफ्सा द्वारा प्रायोजित 10 दिनों तक चले स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। कार्यशाला में युवाओं को स्वस्थ्य रहने के तरीके व नियमित दिनचर्या अपनाने से होने वाले लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चित्रकूट धाम मंडल अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. आरबी गौतम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास रहता है। स्वच्छता अभियान देशभर में चलाई जा रही है। लोगों को अपने शरीर की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। घर के आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाना होगा। स्वस्थ्य परिवेश में बीमारियों के कीटाणु नहीं पनपने पाते। युवाओं को संतुलित आहार एवं पोषण लेना आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति
कार्यशाला समापन के मौके पर मौजूद अतिथि व युवा
को निरोगी रहने के लिए व्यायाम एवं योगासन अपनाना होगा। फास्ट फूड के सेवन से दूर रहना होगा। विशिष्ट अतिथि चित्रकूटधाम मंडल के सिरसा एनएचएमआर मंडलीय परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि सिफ्सा द्वारा युवा अवस्था में होने वाले बदलावों तथा बचाव के संबंध में जानकारी देने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। युवाओं में सकारात्मक सोंच उत्पन्न करने पर बल दिया जा रहा हैं। पोषण से संबंधित एनएचएम के माध्यम से दवाई दी जा रही है। कालेज प्राचार्य डा. अभिलाष श्रीवास्तव ने कहा कि सिफ्सा द्वारा अतर्रा कालेज को नोडल केंद्र बनाया गया है। स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती है। युवाओं को सकारात्मक सोंच अपनाने का आह्वान किया। बताते चलें 10 दिनों से सिफ्सा द्वारा प्रायोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला अतर्रा पीजी कालेज में चल रही थी। दो दिनावधि की पांच कार्यशालाएं आयोजित हुई। कार्यशाला में प्रत्येक दिन महिला एवं पुरुष चिकित्सकों द्वारा युवाओं को स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई। समापन अवसर पर एनसीसी आफिसर डा. पीके विश्वकर्मा, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा. राजेश श्रीवास्तव, डा अनंत त्रिपाठी, कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. बालेश्वर कार्यक्रम, अधिकारी बृजनाथ पांडेय, तरुण शर्मा सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. ओमप्रकाश तिवारी ने किया।


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