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अल्ट्रासाउण्ड सैन्टर पर रखें कड़ी नजर:डीएम

बिजनौर (संजय सक्सेना)  जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में कन्या भूण चिन्हिकरण कार्य नहीं होने दिया जाएगा और जिस किसी भी अल्ट्रासाउण्ड सैन्टर पर इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है और निरीक्षण के बाद सच पायी जाती है तो केन्द्र को बन्द करा कर उसके संचालक के विरूद्व कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने कहा कन्या भूर्ण की हत्या एक जघन्य अपराध तो है ही, मानवता और प्रकृति के प्रति भी अत्यन्त निदंनीय कार्य है। इससे एक ओर प्राकृतिक लिंग अनुपात में असंतुलन पैदा होता है वहीं दूसरी ओर मानवीय मूल्यों का भी ह्रास होता है। उन्होंने नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी को निर्देश दिये कि सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउण्ड सैन्टर्स का निरीक्षण किया जाए और नए अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र एवं नीवनीकरण की अनुमति तभी दी जाए, जब संबंधित अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों में सभी औपचारिकताएं पूरी पाई जाएं।जिलाधिकारी श्री पाण्डेय कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। 
उन्होंने कहा कि हमारे देश और जिले में लिंग अनुपात में भारी कमी का होना एक गम्भीर एवं चिंताजनक समस्या है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही सम्भव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंग अनुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए जिले में अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर्स और नीवनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान की जाए और हर सेन्टर पर कन्या भूर्ण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी पर आधारित स्पष्ट शब्दों में बोर्ड अथवा दीवार पर आईसी मेटीरियल लिखवाना और अल्ट्रासाउण्ड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य किया जाए, उसके बाद ही अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के नवीनीकरण आदि की अनुमति दी जाए। उन्होंने कड़े निर्देश दिये कि कन्या भूर्ण चिन्हिकरण करने वाले किसी भी सेन्टर एवं संचालक पर सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लायें चाहे वह व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली या बलशाली हो, तभी इस कानून का औचित्य सिद्व हो सकता है। मीटिंग के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सर्वसम्मति से तीन नए पंजीककरण, दो नई अल्ट्रासाउंड मशीन की खरीदारी, तीन नवीनीकरण मामलों की अनुमति प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि सभी केन्द्रों में शासन द्वारा निर्गत नियमों का पालन कराना सुनिश्चित कराया जाए।इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डा. एसके निगम, डा. आभा वर्मा मुख्य चिकित्साधीक्षिका, सदस्य डीजीसी मुकेश त्यागी डा. बीआर सैन सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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