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कृषि क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं का भंडार: कुलपति

दो दिवसीय एग्रीविजन क्षेत्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कानपुर प्रांत ने बाजी मारी

बांदा, कृपाशंकर दुबे । बढती जनसंख्या एवं सीमित हो रही कृषि क्षेत्र चिंता का विषय है। वर्तमान में कृषि उत्पाद के सिर्फ 4 प्रतिशत हिस्से का ही मूल्य संवर्धन किया जा रहा है। जबकि कई विकसित देशो में यह 85 प्रतिशत तक है। इस क्षेत्र में कृषि स्नातक छात्रों के रोजगार के लिए अपार संभावनाएं है। यह बातें रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के कुलपति डा.अरविंद कुमार ने कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में ‘जलवायु आधारित कृषि द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सतत विकास’ विषयक आयोजित दो दिवसीय एग्रीविजन (पूर्वी उत्तर प्रदेश) की क्षेत्रीय संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। 
कुलपति ने कृषि के छात्रों से आह्वान किया कि देश में कृषि को नई दिशा देने की जरूरत है। इस कार्य के लिए छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कृषि के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हंै। 2022 तक कृषकों की आय दो गुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया कि वर्ष 2017 तक प्रति कृषक वार्षिक आय 96703 थी। 2022 तक इसे दोगुनी करने का लक्ष्य है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए जलवायु, बाजार, तकनीकी एवं किसानों की
संगोष्ठी को संबोधित करते कुलपति अरविंद कुमार
आर्थिक स्थिति प्रमुख घटक होगे। एग्रीविजन राष्ट्रीय समन्वयक गजेंद्र तोमर ने कहा प्रतिभागी छात्र कृषि क्षेत्र में अनुभवी वैज्ञानिकों से कृषि की नई तकनीकियों की जानकारी हासिल करेंगे। कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो.जीएस पंवार और अधिष्ठाता उद्यान प्रो.एसवी द्विवेदी ने अपने अनुभवों एवं शिक्षा पद्धति को साझा किया। समापन समारोह में कार्यक्रम के आयोजक सचिव डा.एके सिंह अनुभवी वैज्ञानिकों के द्वारा किये गये कार्यो को प्रदेश के अन्य क्षेत्रो के साथ-साथ बुंदेलखण्ड में अपनाने पर जोर दिया। कृषि प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम के कानपुर प्रांत अव्वल रहा। विजेता टीम में कृषि विश्वविद्यालय, बांदा तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के छात्रों ने प्रतिभाग किया था। कृषि प्रश्नोत्तरी का संचालन डा.केएस तोमर तथा डा.अभिषेक कालिया ने किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक एवं संयुक्त आयोजक सचिव डा. विज्ञा मिश्रा तथा सहायक प्राध्यापक डा.बीके गुप्ता ने किया।

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