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भारतीय संस्कृति में सबको समाहित करने की शक्ति निहित

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का महाविद्यालय में समापन

फतेहपुर, शमशाद खान । डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विज्ञान एवं हिन्दी विभाग द्वारा ‘एन्वायरनमेन्टल चैलेन्जेस एण्ड सोशीयो इकोनाॅमिक ट्रडीशनल एण्ड कल्चरल साॅल्यूशन इन इण्डिया विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का भव्य समापन रविवार को हुआ। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो0 राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय प्रयागराज की परीक्षा नियंत्रक डाॅ0 विनीता यादव ने पर्यावरण के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य, डाॅ0 अपर्णा मिश्रा ने कहा कि दो दिवसीय संगोष्ठी अत्यन्त सफल रही। कार्यक्रम आयोजन सचिव डाॅ0 रेखा वर्मा ने दो दिवसीय
राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन पर मंचासीन अतिथि।
आख्या प्रस्तुत की। इससे पूर्व तृतीय तकनीकि सत्र में हिन्दी के प्रख्यात विद्धान, प्रयागराज से पधारे डाॅ0 क्षमा शंकर पाण्डेय चेयरपर्सन रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की कई संस्कृतियों का मिला जुला रूप है और इसमें सबको समाहित करने की शक्ति निहित है एवं पर्यावरण के समस्त संकटों का निराकरण भारतीय संस्कृति में विद्यमान है। इस सत्र में डाॅ0 शिवजी वर्मा रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। चतुर्थ सत्र में महात्मा गाँधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से आये हुए डाॅ0 अनूप शुक्ल तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज से आये डाॅ0 हरिवंश सिंह रिसोर्स पर्सन रहे। डाॅ0 अनूप शुक्ल ने हिन्दी साहित्य से पर्यावरण का सम्बन्ध रेखांकित किया। डाॅ0 रेखा वर्मा ने समस्त अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 प्रशान्त द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आये हुए लगभग 100 डेलीगेट्स, शोध छात्र-छात्राओं ने अपने शोध-पत्र भी प्रस्तुत किये। साथ ही समस्त महाविद्यालय परिवार न सिर्फ उपस्थित रहा बल्कि शोध-पत्र प्रस्तुत करके संगोष्ठी में तकनीकि रूप से भी सम्मिलित हुआ।

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