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राजकीय सम्मान के साथ ही सिपाही के शव का अंतिम संस्कार

नहीं पहुंचे अफसर, ग्रामीणों और परिजनों ने जताया गुस्सा 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । साथी की राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले सिपाही के शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में किया गया। गांव में ही उसे सलामी दी गई। सिपाही का शव जब गांव पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। उधर, कालिंजर महोत्सव में व्यस्त उच्चाधिकारियों के अंतिम संस्कार में न पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी रही। 
पैतृक गांव में सिपाही के शव के पास शोकाकुल परिजन व ग्रामीण।
मालूम हो कि चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली में बुधवार की सुबह लगभग पांच बजे कांस्टेबल आशुतोष मिश्रा (27) ने बैरक में रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना के बाद चंदौली पुलिस अधीक्षक से लेकर विभाग के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं फोरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्यों को एकत्र करने में जुटी रही। उधर, परिजनों को घटना की जानकारी चंदौल प्रशासन ने दी। खबर मिलते ही सारे परिवार में कोहराम मचा था। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को सिपाही आशुतोष मिश्रा का शव पैतृक गांव सहेवा पहुंचा। सिपाही का शव गांव पहुंचते ही सारे गांव में कोहराम मच गया। यहीं पर पुलिस फोर्स ने मृतक सिपाही को सलामी दी। बाद में गांव में ही मृतक सिपाही का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर नरैनी सीओ रोहित यादव समेत अतर्रा थानाध्यक्ष, खुरहंड चैकी प्रभारी और गिरवां थानाध्यक्ष आदि मौजूद रहे। उधर, कालिंजर महोत्सव में व्यस्त उच्चाधिकारियों के अंतिम संस्कार में न पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी रही। लोगों का कहना था कि सिपाही के अंतिम संस्कार में कोई भी उच्चाधिकारी नहीं आया।

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