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20 20 बजट.......

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार)

देश मेंवर्ष 2020 का बजट बहुत ही ठीक कहा जा सकता है हर वर्ग हर तरह से हर किसी को साधने का  काम सरकार ने बजट द्वारा कार्य किया गया है ।जो लोग सर्विस में है उन्हें 500000 तक की आमदनी में छूट प्रदान कर दी गई है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया गया संसद में पूरे देश की निगाहें बजट पर टिकी थी, इस बजट में खास रहा स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित हर जिले में आयुष्मान भारत से जोड़ने की बात कही गई है तथा 69000 करोड का बजट बनाया गया है योजना के तहत 20 हजार से अधिक अस्पताल सूची में है तथा हर जिले में पहुंचने की बात को वित्त मंत्री सीतारमण ने इस बजट में पेश किया है बजट में आज सबसेबड़ी समस्या जो आम जनमानस के मन मस्तिष्क में घर कर गई है हमें स्वच्छ एवं स्वच्छता के साथ स्वच्छ हवा कब मिलेगी जो हम कव प्रदूषण से मुक्त होंगे आप देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की मार दे चुके हैं, जहां से देश चलता है वहां देश का सबसे प्रदूषण वाला शहर माना जाता है दिल्ली इसलिए स्वच्छता के लिए के लिए बहुत महत्व रखता है कि जब दिल्ली ही स्वस्थ नहीं होगा तो राजनीति के साथ पूरा देश में हर तरह का प्रदूषण व्याप्त रहेगा एक बजट में बहुत ही खास बात रही स्वच्छता के लिए उन्होंने जो 12300 करोड़ स्वच्छ हवा के लिए बजट में पेश किया है ।पानी जो पीने के लिए ठीक नहीं है उसे भी इस बजट में पानी की शुद्धता हो इसे स्वीकार करने की बात कही गई है जिससे देश में स्वच्छ पानी लोग पी सकें एक बात शिक्षा के क्षेत्र में भी कही गई है शिक्षा एक ऐसा भी विषय है जिससे लोगों को ज्ञान से साथ देश के विकास की प्रगत पर शिक्षा के माध्यम से ही चलना होता है जिसके लिए

उन्होंने 45 सौ करोड़ खर्च किए जाने का राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू होंगे। स्मार्ट सिटी की पीपीपी मॉडल से तैयार होंगे वैसे बहुत ही जो मुख्य है जिसे पर सरकार हमेशा विपक्ष के निशाने पर रहती है वह बेरोजगारी ,बेरोजगारी दूर करने के लिए 2 वर्षों में ढाई लाख नौकरी देने की बात इस बजट में रखी गई है एक और महत्वपूर्ण बजट में रहा है जो छोटे उद्यमी हैं उन्हें 5 करोड रुपए और आमदनी पर ऑडिट ना करने की बात कही है तथा मेट्रो ट्रेन से तेजस जैसी की है उन्हें राहत प्रदान की है यह तथा इस बजट में किसानों के लिए जोड़ी गई है वह है दूध, मांस मछली, उनके लिए स्पेशल किसान रेल चलाई जाएगी आपने देखा होगा कि बहुत सी ट्रेन में मछली रखे रहते हैं की किस तरह की सामना करना पड़ता है इस में यात्रा करने वाले यात्री होते हैं उसी में मछली याद रखकर डिपो में लाई जाती है जिसकी बदबू के कारण लोगों को बैठना दूभर हो जाता है लेकिन इस बजट में उन्होंने एक नई किसान रेल चलाने की जो बात कही है यह बात बहुत ही ठीक है क्योंकि इनकी बदबू से काफी यात्री परेशान हो जाते हैं जो लोग इसका सेवन नहीं करते हैं। दूसरी इस बजट में बिजली चोरी की समस्या से निदान हो सकेगा और लोगों को बिजली की सुविधाएं प्राप्त होगी प्रीपेड मीटर लगाने की व्यवस्था की गई है जो होना भी चाहिए शहर जैसे हैं कानपुर लखनऊ आगरा उन्नाव जहां के मोहल्ले पर बिजली विभाग घुश नहीं पाते हैं बिजली चेकिंग नहीं कर पाते हैं ऐसे स्थान मेरे पास नोटिस में है लेकिन उनको पुलिस विभाग से लेकर आने में कतराते हैं तो बहुत ही सकरी गली के और उपद्रवी लोगों का क्षेत्र माना जाता है, यह व्यवस्था लगने से उन लोगों पर अंकुश लगेगा चोर लोग आप बिजली चोरी नहीं कर सकेंगे

किसान के बीच की दलाली बंद  हो

आज भारत देश में किसान और दलालों के बीच में बहुत ही बड़ा अंतर है किसान क्यों आज आर्थिक रूप से परेशान है और दलाल आज क्यों करोड़पति अरबपति बने सब कर रहा है किसान आप बीच में उसके सवाल को बेचने के लिए बैठ जाते हैं पैसा लगाकर और हमें वही की ₹5 की 50 में प्राप्त होती है,इसका मुख्य कारण है किसान की संपत्ति जो ₹5 से किसान भेजता है जो हम तक ₹50 में पहुंचती है ऐसा क्यों क्या दलाल ही के माध्यम से सामानों की बिक्री हो सकती है इसमें सरकार को रोक लगानी चाहिए किसान और उपभोक्ता के बीच का डायरेक्ट संबंध हो तभी किसान सरसवय धनवान और अपने सरकारी मशीनों से ग्रस्त होकर अच्छी खेती करने में सक्षम हो सकेगा मैंने देखा है मैं भी एक किसान के घर से हूं मुझे लगता है कि किसानों के पास 50 बीघा जमीन है या जमीने 100 बीघे जमीन है परंतु किसान आज भी प्रति माह ₹4000 की स्थित नहीं है, इतने कमजोर है क्यों क्योंकि इतना सब होते हुए उसकी लागत का भी पैसा खेती में नहीं निकल पाता है क्योंकि  किसान के बारे में जब तक किसानों उपभोक्ता के बीच में डायरेक्ट संबंध नहीं होंगे जिसमें सरकार अपना हस्तक्षेप नहीं करेगी तब तक यह किसान कभी सरसबय हो पाएंगे कभी तरक्की नहीं कर पाएंगे चाहे आप कितनी भी किसानों के लिए योजनाएं बनाएं दलाल जब से हटने की व्यवस्था नहीं करेंगे जहां भी आप देखिए बिना तलाल के माध्यम से कोई किस काम ही नहीं हो रहा है पहले तो दलाल हटाए फिर किसान के बारे में सोचें।...... आपको बताना चाहते हैं देश के प्रधानमंत्री 15 वर्ष मुख्यमंत्री रहे हैं तथा आज प्रधानमंत्री है 6 वर्षों से और आगे भी रहेंगे जब हमारे देश का प्रधानमंत्री इतना महान पद पर होते हुए भी आज भी साधारण व्यक्ति की तरह उनके पास संपत्ति है अगर वह चाहते हैं करोड़पति अरबपति और कितने पति लगे होते परंतु उन्होंने ईमानदारी से जीवन को काटा और भारत की सेवा कर रहे हैं आज एक विधायक किसी क्षेत्र का बन जाता है वह अरब पति हो जाता है पीढ़ी दर पीढ़ी अपने सारी सुविधाओं की व्यवस्था कर लेता है एक पार्षद एक सभासद बन जाता है वह करोड़पति हो जाता है आप सोच लीजिए 15 साल मुख्यमंत्री और 6 वर्षों से प्रधानमंत्री और आगे भी प्रधानमंत्री रहना है वर्षों तक वह व्यक्ति संपत के मामले में इस देश का सबसे ऊंचे पद पर होते हुए भी सबसे गरीब है क्यों क्योंकि वह देश भक्ति है उसको पूरा देश उसका घर है इसी विषय में एक नाम और आता है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिन्होंने भी प्रदेश को बढ़ाने में जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं लेकिन एक कहावत कही गई है अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन कभी-कभी भाड़ फोड़ भी देता है जब और चटकत है तो किसी आंख में ही गिरता है तो आ उसकी आंख निकल जाती है लेकिन मैं कहना चाहूंगा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी जी से आप अपने विभागों पर ध्यान दें विभाग में अभी भी भ्रष्ट लोग व्याप्त हैं क्योंकि बिना भ्रष्टाचारी से लोग रह नहीं सकते क्योंकि उनकी आमदनी के हिसाब से खर्चे बहुत अधिक हैं जो पूर्व सरकारों से पढ़ चुकी है आप चाहिए है उन पर अंकुश लगना वैसे देश से लेकर प्रदेश तक धर्म है तो व्याप्त है भ्रष्टाचारी से लोग डरने लगे हैं रिश्वत लेने से लोग डरने लगे हैं लेकिन यह डर उनके दलाल उनके कई मदों के माध्यम से अभी ना कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ दावबेच कहीं ना कहीं अपना काम दिखा जाते हैं। भ्रष्टाचारी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगे और योगी जी अपने मंत्रालयों में जरा सा विशेषकर शिक्षा विभाग में जिसमें मुख्य रुप से एक बहुत बड़ा भाग है बेसिकशिक्षा शिक्षा में लोग अभी भी एक छोटा सा बाबू करोड़पति बना है मेरे ख्याल से पूरा वेतन जिंदगी कमाएंगे तभी उतना नहीं हो पाएगा लेकिन चार  साल में करोड़पति बन जाते हैं यह कैसे यह शिक्षकों से पैसा ले लेकर और अपने पद का दुरुपयोग करते हैं। सरकारी मदों का पैसा शिक्षक और छात्रों तक ना पहुंच सके ना पहुंच पाता  है यह सब कारण है।योगी जी कोध्यान विभागों में देने की जरूरत है। और बहुत अच्छी तरह देखते हैं और उनके संज्ञान में आता है तुरंत उसको हटा देते हैं यह भी बात सामने आई है।

नागरिकता संशोधन बिल

भारत देश में सबसे नागरिकता संशोधन बिल लगा है तब से इस तरह अल्पसंख्यक लोग बौखलाए हुए हैं वह समझने का प्रयास ही नहीं कर रहे हैं और सिर्फ एक बात कहते हैं कि हम देश से भगाया जा रहा है ,हमें देश से भगाया जा रहा है ,हमें देश से भगाया जा रहा है ,यह इन्होंने निकाह पढ़ा रखा है आगे होने को सोचने की जरूरत नहीं चाय पड़ा हो या अनपढ़ सब यही राग पढ़ रहे नागरिकता संशोधन बिल हमारे लिए खतरा है हमें भगा देंगे लोग यह सब कुछ जानते हुए भी एक पागल जैसा अपना स्वरूप बनाए हुए हैं ना समझने का प्रयास करते हैं यही इनकी गंदी सोच हैपरंतु यह अभी जोोोोोके तक  सब सुनतेआए और अपने मन की भड़ास नागरिकता संशोधन बिल के बहाने निकाल रहे हैं। राजनीति अपनी गंदी सोच का इसमें परिचय देे रही और गंदी सोच का प्रतीक बनता जा रहा है। अगजैसे।सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल को पास किया यह सरकार को चाहिए बहुत ही जल्दी जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनाए नहीं वह दिन दूर नहीं है 2035 तक भारत में (जिस तरह से मोदी ने 303 सीटें जीतकर सरकार बनाई) वह दिन कभी नहीं आएगा क्योंकि या अल्पसंख्यक 100 करोड़ के बराबर होंगे।नागरिकता संशोधन बिल के तहत एक कानून की आज और जरूरत है वह कानून है जनसंख्या नियंत्रण और कानून इस तरह सख्त होना चाहिए कि 2 बच्चों से अधिक अगर कोई भी संतान किसी के पैदा होती है चाहे हिंदू हो मुसलमान सीख या ईसाई हो  उसे सरकारी सुविधाएं कोई प्राप्त नहीं होगी वह भारत का नागरिक तो होगा परंतु उसको वोट डालने का अधिकार नहीं होगा ना ही वो सरकारी नौकरी का हकदार होगा ना ही सरकारी तंत्र में किसी लाभकारी योजना का लाभ प्राप्तत होगा ना उसको प्राइवेट नौकरी नहीं मिलेगी ना शिक्षा में कहीं एडमिशन प्राप्त होगा को सिर्फ घरवालों के लिए बोझ बनकर रहेगा।

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