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जिले में 15.60 लाख लोगों को खिलाई जाएगी दवा

टीमों को दिया गया प्रशिक्षण, दस कार्य दिवस में खिलाई जाएगी दवा

उरई (जालौन), अजय मिश्रा । फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी से 29 फरवरी तक दस कार्यदिवस में घर घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर टीमों का गठन कर दिया गया है और उन्हें प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. जीएस स्वर्णकार ने बताया कि 17 फरवरी से चलने वाले अभियान में 15 लाख 60 हजार लोगों को दवा खिलाई जानी है। इसके लिए 1248 टीमों का गठन किया गया है। जबकि 250 पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। यह टीमें तीन लाख 22 हजार से अधिक घरों में जाकर दवा खिलाएंगी। इसके लिए टीमों को डीईसी की 36 लाख से अधिक गोलियां दी गई है। जबकि एलवेंडाजोल की 15 लाख से अधिक गोलियां दी गई है। एक टीम को रोजाना 25 से अधिक घरों  में जाकर कम से कम 125 लोगों को दवा खिलानी है। डब्लूएचओ के जोनल कोआर्डिनेटर डा. नित्यानंद ठाकुर ने बताया कि इस बार अभियान पोलियो अभियान की तरह चलना है। दवा खाने वाले व्यक्ति की अंगुली में काले मार्कर से निशान भी लगाया जाना है। जो परिवार या व्यक्ति दवा नहीं खाता है, उसकी पूरी डिटेल निर्धारित फार्मेट में भरनी है। डब्लूएचओ की टीमे मानीटरिंग भी करेंगी। बायोलाजिस्ट डा. सीएल बघेल ने बताया कि दवा खाने के बाद यदि किसी व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द, बदनदर्द, मतली, उबकाई, उल्टी, शरीर पर चक्कते पड़ना  या कोई अन्य प्रतिक्रिया होती है तो यह इस बात का प्रमाण है कि उस व्यक्ति के शरीर में माइक्रो फाईलेरिया मौजूद है और दावा खाने के बाद माइक्रोफाईलेरिया के मरने के कारण जो इम्यून रिएक्शन होता है उससे इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। क्योंकि यह बताता है कि संबंधित व्यक्ति में फाइलेरिया के लक्षण है। ऐसे लोगों को तो विशेष रूप से दवा का सेवन हर साल, 3  से 5 साल तक करना चाहिए। थोड़ी देर की समस्या आजीवन अपाहिज होने वाली बीमारी से बचाती हैं। इस दौरान पीसीआई संस्था के जिला प्रतिनिधि सुनील गुप्ता, फाइलेरिया इंस्पेक्टर अभिषेक मिश्रा, रियाजुल ने भी प्रशिक्षण दिया।

बरते  सावधानी

  1. खाली पेट दवा न खाए, कुछ खाकर ही दवा का सेवन करें
  2. 2 साल से कम और गर्भवती महिलाओं का दवा न खिलाए
  3. गंभीर रुप से बीमार व्यक्ति को भी दवा न खिलाए
  4. एलवेंडाजोल की गोली का सेवन चबाकर करें
  5. डीईसी की गोली का सेवन पानी के साथ करें।


हाइड्रोसील का होगा मुफ्त इलाज

बायोलाजिस्ट सीएल बघेल ने बताया कि सर्वे टीमों से कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति में हाइड्रोसील के लक्षण या बीमारी मिलती है तो ऐसे व्यक्ति की सूची बना लें। बाद में उसे समझाए कि इसका अस्पताल में निशुल्क आपरेशन होगा और उन्हें निशुल्क आपरेशन के लिए प्रेरित करें।

दवा खाएं और बीमारी दूर भगाएं

पीसीआई संस्था के सुनील गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर काटने के फैलने वाला रोग है, किसी भी आयु का व्यक्ति इससे संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के लक्षण हाथ पैर में सूजन (हाथी पांव) व हाइड्रोसील (अंडकोष में सूजन) है। इसकी दवा फाइलेरिया के परजीवियों को मार देती है और हाथीपांव और हाइड्रोसील जैसी बीमारी रोकने में मदद करती है। यह पेट के खतरनाक कीड़ों को भी समाप्त करती है।


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