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अरहर के खेत में 10 फरवरी को होगा अरहर सम्मेलन: डीएम

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किया जा रहा पहला प्रयोग 
कृषि के क्षेत्र में महत्व्पूर्ण कार्य करने वाले 125 किसान होंगे सम्मानित 
दलहन-तिलहन विशेषज्ञों को सम्मेलन में किया गया है आमंत्रित 
वल्र्ड पल्सेज-डे पर कालिंजर में आयोजित होगा अरहर सम्मेलन 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । किसानों की आय को दोगुना करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में जनपद में कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को दलहन से जुड़ी तमाम जानकारियों से रूबरू कराने के लिए आगामी 10 फरवरी को कटरा कालिंजर में अरहर (दलहन) सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दलहन और तिलहन के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है जो किसानों को जरूरी जानकारियां देंगे। कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले तकरीबन 125 किसानों को सम्मेलन में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। 
यह बात जिलाधिकारी हीरा लाल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। डीएम ने कहा कि जनपद के विकास का आधार कृषि एवं किसान हैं। जनपद के विकास और उत्थान का साध्य और साधन खेती-किसानी है। किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से 10 फरवरी को वल्र्ड-पल्सेज-डे के मौके पर कटरा कालिंन्जर में अरहर (दलहन) सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट में मीडिया से बात करते जिलाधिकारी हीरा लाल
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद बांदा में अरहर, सरसों, चने की फसल काफी अच्छी रहती है। इस जनपद के दलहन व तिलहन के उत्पादन के समय रासायनिक खादों का प्रयोग बहुत कम होता है इसलिए इस जनपद के अरहर, सरसों, चने की फसलें उच्च गुणवत्ता की होती हैं, इसलिए इन फसलों की प्रदेश व देश स्तर पर ब्रान्डिंग कराये जाने की आवश्यकता है जिससे यहां के किसानों को अपनेे दलहन व तिलहन उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। अरहर सम्मेलन में ऐसे 125 किसानों/विशेषज्ञों को सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में दलहन व तिलहन की खेती से जुडे हुए विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है जो यहां के किसानों को नवीन तकनीक के सम्बन्ध में जानकारी देंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सम्मेलन में कई पद्मश्री प्राप्त विशेषज्ञों तथा बडी एग्रो कम्पनियों को भी बुलाया गया है। 
प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि एग्री टूरिज्म का कान्सेप्ट रखते हुए इस सम्मेलन का आयोजन कटरा कालिंजर में कराया जा रहा है, जिससे जो किसान व अन्य लोग इस सम्मेलन में आएं, वह कालिन्जर दुर्ग तथा नीलकण्ठेश्वर मन्दिर के दर्शन भी कर सकें। उन्होंने बताया कि जनपद में केन, यमुना तथा बागै नदी के किनारे बसे 130 गांवों के विकास के लिए भी प्रशासन द्वारा कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इन सभी गांवों में अलाव पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं जिसमें अधिकारियों ने ग्रामवासियों को जल संरक्षण के सम्बन्ध में जागरूक किया गया है। प्रेसवार्ता के समय उप निदेशक सूचना भूपेन्द्र सिंह यादव, उप निदेशक कृषि प्रसार एके सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार उपस्थित रहे। 

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