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फालोअप: मासूम बच्चों की नहीं हुई थी हत्या, दम घुटने से हुई मौत

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, शवों को केन में किया गया प्रवाहित 
मटौंध थाने के बजरंग पुरवा में मासूम बच्चों की मौत का मामला 

बांदा, कृपाशंकर दुबे । गुरुवार की दोपहर को बजरंग पुरवा में भूसे के ढेर से बरामद हुए दो बच्चों के शवों का परिजनों ने शुक्रवार की दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया। केन के पानी में दोनो शव प्रवाहित कर दिए गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत का कारण स्पष्ट हुआ है, इससे पुलिस ने हत्या कर शव छिपाए जाने के आरोप को पूरी तरह से खारिज करार दिया है। 
मृतक बच्चे सृष्टि और आदर्श (फाइल फोटो)
गुरुवार की दोपहर को बजरंग पुरवा निवासी श्रीकृष्णचंद्र की बेटी सृष्टि (3) और पुत्र आदर्श (डेढ़ वर्ष) की भूसे के ढेर में दबकर दम घुटने से मौत हो गई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि उसके बच्चों की हत्या करने के बाद शव भूसे के ढेर में दबा दिए गए हैं। पुलिस ने दोनो शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत स्पष्ट हुई है। मटौंध थाना प्रभारी रविंद्र कुमार तिवारी ने हत्या किए जाने की बात से साफ इनकार किया। इधर, शुक्रवार को पोस्टमार्टम हो जाने के बाद परिवार के लोगों ने दोनो शवों को केन नदी में प्रवाहित कर दिया है। श्रीकृष्णचंद्र के अब एक छह माह की बेटी ही बची है जो दिव्यांग हैं। मासूम बच्चों की मौत हो जाने के बाद मां मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। अभी भी वह अपने बच्चों की याद में बिलख रही है। 

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