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सावधान, शादी पार्टी से बैग उड़ाने वाला गिरोह सक्रिय

व्यस्क उठाईगिर करता है निगरानी,बच्चा उड़ा देता है पर्स, कीमती सामान 
तरना स्थित मैरिज लान में चल रहे रिसेप्श्ंन पार्टी में बच्चे ने उड़ाया रुपयों से भरा बैग

शिवपुर (वाराणसी), विक्की मध्यानी। शादियों पार्टियों का मौसम चल रहा है,ईसी के साथ बिन बुलाये मेहमान यानी उचक्कों उठाईगिरो का गिरोह भी सक्रिय हो गया है। जो पार्टियों में आम मेहमानों की तरह शामिल होकर आपके कीमती सामानो पर हाथ फेरने के फिराक में लग गया है,आप जरा सा लापरवाह हुए नहीं की शादी की खुशियाँ काफुर हो जायेंगी।
ऐसा ही एक मामला प्रकाश में शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धीपुर निवाशी अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य डॉ विनोद कुमार सिंह के पुत्र अनुराग सिंह की शादी का रिसेप्श्ंन पार्टी तरना इस्थित   सांझा चूल्हा मैरिज लॉन मे चल रहा था,आमन्त्रित मेहमानो (जिसमे कुछ विदेशी मेहमान भी शामिल रहे )द्वारा वर वधु को उपहार स्वरुप नगद व कुछ कीमती उपहार भेट किये जा रहे थे।जिसे वो एक बड़े बैग में रख रहे थे,उसी समय एक अपरिचित बच्चा जिसकी उम्र लगभग बारह साल रही होगी वह बार बार स्टेज पर बैग उठाने  के फिराक में चढ़ जाये जिसे वर के 
 
भाई अम्बरीश सिंह ने बताया कि मैने उसे डाट कर नीचे भी उतारा था।इसी दौरान डाॅ विनोद की बहू जो उपहार सामग्री वाला बैग उसे वही रखकर परिवार के साथ फोटो खीचाने लगी,मौके की तलाश में खड़ा बच्चा बैग उठा कर फरार हो गया।जब परिवारजन बैग नदारद देखे तो उनके होश फाख्ता हो गए,जब तलाश होने लगी तो वह सी सी टीवी फुटेज में व्यस्क उठाईगिर जो बच्चे के बैकअप के लिये खड़ा था,वह आगे आगे जा रहा था और पीछे से वह बच्चा बड़ी तेजी के साथ बाहर निकल रहा था।वही गेट पर बैठा गार्ड बच्चे को बड़ा सा बैग ले जाते हुए बच्चे को नही टोका,जिससे डाॅ विनोद ने पुलिस को दिये तहरीर में उसकी लापरवाही पर शंका प्रगट किया।उन्होने बैग मे लगभग तीन लाख से अधिक नगदी व  कीमती सामान होने की बात कही।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरु कर दिया।
ईस बात का रखें ध्यान,वर्ना गायब हो जायेगा आपका कीमती सामान: जब भी शादी पार्टी में जायें अपने पर्स मोबाइल को ईधर उधर लापरवाही से न छोड़े।
अजनबी व्यक्ति या बच्चा जो बेवजह आपके ईर्द गिर्द मंडराये तो सावधान हो जायें,एसे बच्चे से उसका परिचय और किसके साथ आया है उसकी जानकारी लें।
कार्यक्रम के बाहर गेट पर गार्ड को यह ताकिद कर दें की कोई बच्चा  पर्स बैग लेकर तेजी से निकले या संदिग्ध लगे तो रोककर पूछताछ करें। 
किसी व्यक्ति को कार्यक्रम में सन्दिग्ध  लगने वाले व्यक्ति पर नजर रखने को लगायें।
क्यों करते है उच्चके बच्चों का इस्तेमाल : दरअसल उच्चको की सोच ये होती है कि बच्चो पर कोई विषेश ध्यान नही देता अगर किसी कारण वह सामान चराते हुए पकड़ा गया तो अमूमन बच्चा जान कर उसे डाट फटकार कर भगा देते है।बच्चे पर कोई शक भी नहीं करता इसलिये उच्च्के बच्चो का इस्तमाल करते है।और काम हो जाने के बाद उच्च्के माल समेत जिला छोड़ देते हैं,और पुलिस स्थानिय स्तर तक ही इनकी तलाश करती है जब की अधिकतर उच्च्के उठाईगीर बाहरी जनपद से आ कर घटना को अंजाम दे कर गायब हो जाते हैं।

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