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टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर नोटीफीकेशन

न करने वाले नर्सिंग होम व प्राइवेट चिकित्सको का नहीं होगा नवीनीकरण

बिजनौर (संजय सक्सेना) टीबी के मरीजो की सूचना नहीं देने पर प्राइवेट चिकित्सकों व नर्सिंग होम का पंजीकरण अथवा नवनीकरण नहीं होगा. इस आशय का शासनादेश सरकार द्वारा जारी कर दिया गया है और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर भी उपलब्ध है |
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने बताया कि जिले में अभी तक 7900 टीबी से ग्रसित मरीज़ हैं. वहीं वर्तमान में जिले में 136 चिकित्सक निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जबकि 40 चिकित्सक ही अभी तक टीबी के मरीजो की सूचना दे रहे हैं, शेष सूचना नहीं देने वाले चिकित्सको को मौखिक रूप से कहा जा रहा है. सूचना नहीं देने वाले चिकित्सकों को एक बार लिखित चेतावनी देकर अगली बार उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी  |

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्राइवेट चिकित्सकों  द्वारा 1051 मरीजों की सूचना दी गयी, जबकि वर्ष 2019 में लगभग 2200 मरीज प्राइवेट चिकित्सकों द्वारा चिन्हित किये गए | इन सभी मरीजों का पूर्ण इलाज होने पर सफलता के संबन्ध में भी बताना अनिवार्य है| अभी भी कई चिकित्सकों के द्वारा टीबी मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जा रही है| उन्होंने बताया कि अब इस कार्यक्रम का नाम बदलकर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम कर दिया गया है | जिस कारण नये लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मिशन मोड पर कार्य करना पड़ेगा | उन्होंने सभी प्राइवेट चिकित्सकों से क्षय रोगियों की सूचना अवश्य देने तथा प्राइवेट मरीजों को भी सरकारी जाँच जैसे सीबीनॉट की सुविधा दिलाने को कहा |
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने कहा टीबी के खात्मे के लिए हर स्तर पर पूर्ण प्रयास किया जाना जरुरी है| जिले व प्रदेश को 2025 तक क्षय रोग मुक्त करने के लिए हर सम्भव कदम उठाये जायेंगे |

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