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दस दिन में खाली करें अवैध कब्जा: डीएम

बैठक कर प्राचीन मंदिरों की मांगी सूची

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरी । जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में परिक्रमा पथ के अतिक्रमण हटाए जाने के संबंध में साधु-संतों, स्थानीय लोगों व संबंधित अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि कामदगिरि की गरिमा महत्त्व दर्शन से ही है। प्राचीन मंदिर नहीं गिराये जाएंगे। उनकी सूची संत महंत उप जिलाधिकारी कर्वी को दें तथा सूची बनाते समय यह जरूर ध्यान दें कि जो लोग लोभ लालच पर मंदिर बनाए हैं और अवैध कब्जा करने की नियत से भगवान को रखकर कार्य कर रहे हैं। जो लोग वहां पर अवैध रूप से वन व राजस्व की जमीनों पर कब्जा किए हैं अगर वह एक हजार वर्ष से भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रह रहे हैं वह भी अवैध है। सभी लोग दस दिन के अंदर सात फरवरी तक हटाएं और अपनी वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। अन्यथा प्रशासन तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाएगा।
उन्होंने चैपड़ा तालाब के चैड़ीकरण की जानकारी सहायक क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से की। जिस पर उन्होंने बताया कि कार्य हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि रामघाट पर जो सीवर का पत्थर धंस गया है व जहां पर पत्थर खराब है उनको तत्काल बदलवाया जाए। उन्होंने कहा कि बाहर की तरफ जो भी मकान है वह तत्काल खाली कर दें। सिर्फ प्राचीन मंदिर ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि तालाब तत्काल खाली कराए जाएं। स्थानीय लोगों ने कहा कि हम सभी लोगों की आजीविका चलती है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के पास कोर्ट का कोई दिशा निर्देश हो तो उसकी प्रति उपलब्ध करा दें। कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि जो प्राचीन मंदिर हैं कामतानाथ जी से संबंधित उन्हें न हटाया जाए तथा जो नवनिर्मित मंदिर है तो उस पर भी विचार करने की जरूरत है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सूची बनाकर दे उसका निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चैधरी, प्रभागीय वन अधिकारी कैलाश प्रकाश, उप जिलाधिकारी कर्वी अश्विनी कुमार पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस रजनीश यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार त्रिपाठी सहित साधु-संत, स्थानीय लोग व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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